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श्री शिव चालीसा

॥ दोहा ॥ जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान। कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान।। ॥ चौपाई ॥ जय गिरिजा पति दीन दयाला । सदा करत सन्तन प्रतिपाला ॥ भाल चन्द्रमा सोहत नीके ।

भगवान शिव की आरती

ॐ जय शिव ओंकारा, भज जय शिव ओंकारा। ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्ध्दांगी धारा॥ ॐ जय शिव ओंकारा...... एकानन चतुरानन पंचानन राजे। हंसासन, गरुड़ासन, वृषवाहन साजे॥ ॐ जय शिव ओंकारा...... दो भुज चार चतुर्भुज दस

भारत-नेपाल में तो आपने शिव मंदिर बहुत देखे होंगे, पर क्या पाकिस्तान में देखा या सुना है?

भारत और नेपाल में भगवान भोलेनाथ के मंदिर हर एक छोटे से छोटे स्थान में आराम से देखने को मिल जाते है। हालांकि ये अपने आप में एक चौकाने वाली

माँ पार्वती : ननद से तंग आकर बोली,बड़ी भूल हुई कि मैंने ननद की चाह की

शास्त्रों के अनुसार माँ पार्वती ने शिव की पूजा कर उनको पति के रूप में पाने की तपस्या की तब भगवान शिव और पार्वती का विवाह सम्पन्न हुआ भोले भंडारी

भगवान शिव ने ब्राह्मण रूप धर की माता सीता और राम की अनगिनत परीक्षाएँ

ऐसी कई कहानियां है जिसमे आपने सुना होगा देवी देवताओ को भी परीक्षा देने होते थे सफलता पाने के लिए तो इंसान क्या चीज़ है ,देवी देवता ही परीक्षा देते

रंग बदलता है ये पर्वत

पहाड़ो की रानी ‘हिमाचल’ में भगवान शिव के अनेकों तीर्थ स्थल हैं।जो की बहुत प्रचलित और जाने माने है यहाँ और भी कई देवी देवताओ के तीर्थ स्थल है ।जहा

भगवान शिव ने काटा ब्रम्हा का सर इसलिए

यह हम सभी को ज्ञात ही है और इसका उल्लेख तो पुराणों में भी है की ब्रम्हा  विष्णु और महेश यह संसार के सबसे शक्तिशाली भगवान हैं।यह सम्पूर्ण संसार के

इसीलिए देवो पर नही चड़ते केतकी के फूल !

यह तो आप सभी जानते है की ब्रम्हा जी  इस श्रृष्टि के रचना कार माने जाते है पर ये बात भी सत्य है की उनकी पूजा मन्दिरों में नही की

स्वयं महादेव भी नही बच पाए थे शनि की वक्र दृष्टि से

भगवान शिव इस सुंदर श्रृष्टि के निर्माण नायक है उन्होंने इंसान जानवर सबको बनाया और देवो को शक्ति दी उन्ही में से एक देव है।शनि देव जिनको कर्म फलदाता की

महादेव के ये 19 अवतार के बारे में जानिए

महादेव जिनका न आदि है न अंत है तीनो लोक के निर्माण नायक है जिन्होंने कई अवतार लिए ,धर्म ग्रंथों  के अनुसार भगवान शिव ने 19  अवतार लिए थे। जिनके बारे में