सावन 2018: भोलेनाथ को बेल पत्र के अलावा ये पांच चीज भी है अति प्रिय

सावन 2018: भोलेनाथ को बेल पत्र के अलावा ये पांच चीज भी है अति प्रिय ( sawan special bel patra and these leaves are also dear to lord shiva )
sawan special bel patra and these leaves are also dear to lord shiva

शिव पुराण में शिव और बेल के पत्तों की महिमा बताई गई है। कहा जाता है यदि शिवलिंग पर बेल पत्तियां चढ़ाई जाये तो भगवान शिव बहुत प्रसन्न होते हैं।  खासकर सावन में शिवलिंग पर बेल की पत्तियां चढ़ाना अति शुभ माना जाता है।

लेकिन आज हम इस पोस्ट के जरिए आपको बताने जा रहे हैं कि बेल पत्ती के अलावा और क्या भगवान शिव पर चढ़ाना अतिशुभ माना है। आइए जानते हैं इस सावन शिवलिंग पर बेलपत्र के साथ और कौन सी वस्तुएं चढ़ाकर भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न किया जा सकता है।

Advertisement

भांग है भोले को प्रिय

bhang

रुद्राभिषेक के साथ शिवलिंग पर भांग चढ़ाने का विधान हैं पुराणों में वर्णित है कि जब समुन्द्र मंथन से निकले हलाहल विष से पूरी सृष्टी नष्ट होने लगी थी उस समय महादेव ने संसार को जहरीले विष के प्रकोप से बचाने के लिए खुद उस विष पान कर अपने कंठ में धारण किया तब जहर का उपचार करने के लिए भांग के पत्तों का इस्तेमाल किया गया था। इसी कारण से भांग को औषधि भी माना जाता है।

आक से मिलेगा लाभ

ये तो सभी जानते होंगे की आक का फूल और पत्ता दोनों ही भगवान शिव पर चढ़ता है और उन्हें बेहद प्रिय भी है। भगवान शिव पर इनको अर्पित करने से शिव अपने भक्त के मानसिक और शारीरिक सभी तरह के कष्ट हर लेते हैं साथ ही गरीबी दूर करते हैं।

धतूरा है शिव को पसंद

धतूरा

शिव पुराण के अनुसार शिव को धतूरा बहुत पसंद है। शिव जी पर धतूरा अर्पित करने से शिव जी प्रसन्न होकर उसका घर धन-धान्य से भर देते हैं। धतूरे का फल और पत्ता भी औषधि के रूप में भी काम आता है।

Advertisement

पीपल का पत्ता करता है सब अच्छा

पीपल का पत्ता

हिन्दू धर्म में पीपल को देवता के समान माना जाता है पीपल पर त्रिदेवों का वास भी होता है। शिव जी पर पीपल अर्पित करने से शिव स्वयं अपने भक्तों की शनि के प्रकोप से रक्षा करते हैं।

दूर्वा से करे शिव पूजन

shivling shiva
shivling shiva

पुराणों में दूर्वा का उल्लेख किया गया है कि दूर्वा में यानी घास के बारे पुराणों में अमृत का वास है। आपको बता दें कि दूर्वा  भगवान शिव के अलावा भगवान गणेश को भी बेहद पसंद है। कहा जाता है कि भगवान शिव को दूर्वा अर्पित करने से अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता।

No Data

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may use these HTML tags and attributes:

<a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <s> <strike> <strong>