प्रभु

प्रभु (  )

छोटी सी मछली  पानी के उलटे बहाव में भी  आगे निकल जाती है।

जबकि एक बड़ा हाथी तक उस बहाव में बह जाता है।

क्योकि मछली पानी की शरण  में है।

ऐसे ही जो प्रभु के शरण में है।

वे विपरित परिस्थितियों  में भी संसार रूपी सागर से तर जाते है।

No Data
Share on

Leave a Reply

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

You may use these HTML tags and attributes:

<a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <s> <strike> <strong>