दुःख

दुःख ( sorrow )

जीवन से प्रेम करो और अधिक खुस रहो जब तुम एकदम प्रशन्न होते हो,सम्भावना तभी होती है|

कारण तभी यह है की दुःख तुम्हे बंद कर देता है|सुख तुम्हे खोल देता है|

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क्या तुमने येही बात अपने जीवन में नही देखि ? जब भी तुम दुखी होते हो,बंद हो जाते हो,एक कठोर आवरण तुम्हे घेर लेता है|

प्रशन्न व्यक्ति फुल की तरह खिला हुआ रहता है|

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