बेशकीमती फूलदान

बेशकीमती फूलदान

विजयनगर का वार्षिक उत्सव बहुत ही धूमधाम से बनाया जाता था। जिसमें आसपास के राज्यों के राजा भी महाराज के लिए बेशकीमती उपहार लेकर सम्मिलित होते थे। हर बार की

manhus kaun

मनहूस कौन ?

एक बार महाराज के कानों तक चेलाराम के एक व्यक्ति के बारे में खबर पहुंची। सब लोग बोलते थे कि जो कोई भी चेलाराम का मुंह देख लेता हैं उसे

channpur ki chameli tenaliraman hindi stories

तेनालीराम और सात जूते मारने वाली चाननपुर की चमेली

चाननपुर गाँव में चांदकुमारी नाम की एक रूपवती कन्या रहती थी। वह विवाह के योग्य हो गई थी लेकिन अपनी माँ के व्यवहार के कारण उसका विवाह नहीं हो पा

Tenaliram ki Manpasand Mithai Hindi Stories of Tenaliraman

तेनालीराम की मनपसन्द मिठाई

महाराज, राजपुरोहित और तेनालीराम राज उद्यान में टहल रहे थे कि महाराज बोले , “ऐसी सर्दी में तो खूब खाओ और सेहत बनाओ। वैसे भी इस बार तो कड़के की

tenaliraam ki khoj

तेनालीराम की खोज

एक बार तेनालीराम महाराज से किसी बात पर रूठा हुआ था कि महाराज कृष्णदेवराय ने उसे फिर से किसी बात पर डांट दिया। जिसकी वजह से तेनालीराम बिना बताएं वहाँ

kalakaar ko purskaar

रिश्वत का खेल

कृष्णदेव राय कला प्रेमी थे इसीलिए कलाकारों का प्रोत्साहन बढ़ाने के लिए उनके अच्छे प्रदर्शन के लिए उन्हें  पुरस्कार देकर सम्मानित करते रहते थे। कलाकारों को सम्मानित करने से पहले

matke main tenaliram

मटके में तेनालीराम

राजा कृष्णदेव राय और तेनालीराम की मजेदार कहानियों की श्रंखला में आज आप पढेंगे "मटके में तेनालीराम" । इस कहानी में तेनालीरामन से महाराज किसी बात को लेकर बहुत अधिक नाराज

kauvon ki ginti

कौवों की गिनती

महाराज कृष्णदेवराय को तेनालीराम से बेढंगे सवाल पूछने में बड़ा ही आनंद आता था। वे हमेशा ऐसे सवाल पूछते जिसका जवाब देना हर किसी को नामुमकिन सा लगता लेकिन तेनालीराम

तेनालीरामन की ईमानदारी का पुरस्कार

राजगुरु की चाल

तेनालीराम से चिढ़ने वाले कुछ ब्राह्मण एक दिन राजगुरु के पास पहुंचे। क्योंकि वे सभी अच्छी तरह जानते थे कि राजगुरु तेनालीराम का पक्का विरोधी है और तेनाली से बदला

Old Beggar Maharaj Krishnadevaraya Generosity Tenali Rama Hindi Story बूढा भिखारी और महाराज कृष्णदेवराय की उदारता

बूढ़ा भिखारी और महाराज कृष्णदेवराय की उदारता

इस बार तेनालीराम की कहानियों में आप पढ़ेंगे "बूढ़ा भिखारी और महाराज कृष्णदेवराय की उदारता"। कहानी में तेनालीराम अपनी बुद्धिमानी से महाराज कृष्ण देव राय को समझाता है कि वास्तव