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सुनहेरा पौधा (तेनालीराम की मनोरंजन कहानियाँ)

सुनहरा पौधा

तेनालीराम की बुद्धिमानी के किस्सों के पिटारे से आज हम आपके लिए लाएं है तेनालीराम की एक और कहानी "सुनहरा पौधा"। इस कहानी में महाराज कृष्णदेव राय सुनहरे फूल वाले

tenali raman ke baag ki sinchai tenali raman short stories in hindi

तेनालीराम के बाग की सिंचाई

इस कहानी में आप पढ़ेंगे कि किस तरह चतुरों के चतुर तेनालीरामन  ने अपनी चतुराई से बिना एक पैसा खर्च किये चोरों से ही अपने बाग़ की सिंचाई करा ली। एक बार

बाढ़ से राहत तेनालीराम के किस्से Flood Rescue Baad Se Rahat Tenali Raman Ke Kisse In Hindi

बाढ़ और राहत बचाव कार्य

तेनालीराम और महाराज कृष्णदेवराय की रोचक कहानियों में अब तक आपने पढ़ा “गेहूं वही बोएगा जिसको कभी उबासी न आई हो..”। आज आप पढेंगे बाढ़ और राहत बचाव कार्य कहानी। इस

Gehun Vahi Boyega Jisko Kabhi Ubasi Na Aai Ho Tenaliram Kahani In Hindi

गेहूं वही बोएगा जिसको कभी उबासी न आई हो…….

इस कहानी में महाराज कृष्णदेवराय अपनी महारानी तिरुमाला से किसी बात को लेकर नाराज हो जाते हैं और बात तक करना बंद कर देते हैं लेकिन अपनी सूझ बुझ से

तेनालीराम और रसगुल्ले की जड़

तेनालीराम और रसगुल्ले की जड़

एक बार ईरान का व्यापारी चाँद खाँ भारत में किसी निजी यात्रा पर आया था। इसलिए बहुत दिनों तक उसने भारत के अनेक नगरों का भ्रमण किया। एक दिन उसने

होली का उत्सव और महामूर्ख की उपाधि

होली उत्सव और महामूर्ख की उपाधि

राजा कृष्णदेव राय और तेनालीराम की रोचक कहानियों की श्रृंखला में आज आप पढेंगे "महामूर्ख की उपाधि"। कैसे प्रतिवर्ष होने वाले होली उत्सव में हर बार की तरह इस बार

For justice namdev comes in rajdarbar

हीरों का सच

एक बार राजा कृष्णदेवराय दरबार में बैठे मंत्रियों के साथ विचार विमर्श कर रहे थे कि तभी एक व्यक्ति उनके सामने आकर कहने लगा,”महाराज मेरे साथ न्याय करें। मेरे मालिक

tenaliraman in rajdarbar

तेनालीराम की नली का कमाल

राजा कृष्णदेव राय का दरबार लगा हुआ था। महाराज अपने दरबारियों के साथ किसी चर्चा में व्यस्त थे। अचानक से चतुर और चतुराई पर चर्चा चल पड़ी। महाराज कृष्णदेव के दरबार

Tenalirama aur Anguthi Chor ki Kahani

तेनालीराम और अंगूठी चोर…

इस कहानी में आप जानेंगे कैसे तेनालीराम ने अपनी चतुराई से राजा कृष्णदेव की खोई अंगूठी ढूंढ निकाली। एक बार राजा कृष्णदेव राय को दरबारियों ने बताया की महाराज आजकल तेनालीराम