धर्म कर्म पूजा-पाठ
॥ दोहा ॥ विश्वेश्वर पदपदम की रज निज शीश लगाय ।... more
॥ दोहा॥ नमो नमो विन्ध्येश्वरी, नमो नमो जगदम्ब।... more
॥ दोहा ॥ कनक बदन कुण्डल मकर, मुक्ता माला अंग।... more
॥ दोहा ॥ श्री गणपति गुरु गौरी पद, प्रेम सहित धरि... more
॥ दोहा॥ बंशी शोभित कर मधुर, नील जलद तन श्याम।... more
जय भैरव देवा प्रभु जय भैरव देवा। जय काली और गौरा... more
आरती अतिपावन पुराण की। धर्म भक्ति विज्ञान खान... more
जय जय जय श्री शनि देव भक्तन हितकारी। सूरज के... more
आरती कुंज बिहारी की आरती कुंज बिहारी की, श्री... more
तुलसी माता की आरती जय तुलसी माता, मैया जय तुलसी... more
आरती श्री वृषभानुसुता की, मंजु मूर्ति मोहन ममता... more
आरती बालकृष्ण की कीजे। अपना जनम सफल करि लीजे।।... more