Tenaliram ki Manpasand Mithai Hindi Stories of Tenaliraman

तेनालीराम की मनपसन्द मिठाई

महाराज, राजपुरोहित और तेनालीराम राज उद्यान में टहल रहे थे कि महाराज बोले , “ऐसी सर्दी में तो खूब खाओ और सेहत बनाओ। वैसे भी इस बार तो कड़के की

tenaliraam ki khoj

तेनालीराम की खोज

एक बार तेनालीराम महाराज से किसी बात पर रूठा हुआ था कि महाराज कृष्णदेवराय ने उसे फिर से किसी बात पर डांट दिया। जिसकी वजह से तेनालीराम बिना बताएं वहाँ

kalakaar ko purskaar

रिश्वत का खेल

कृष्णदेव राय कला प्रेमी थे इसीलिए कलाकारों का प्रोत्साहन बढ़ाने के लिए उनके अच्छे प्रदर्शन के लिए उन्हें  पुरस्कार देकर सम्मानित करते रहते थे। कलाकारों को सम्मानित करने से पहले

tenaliraman in rajdarbar

तेनालीराम की नली का कमाल

राजा कृष्णदेव राय का दरबार लगा हुआ था। महाराज अपने दरबारियों के साथ किसी चर्चा में व्यस्त थे। अचानक से चतुर और चतुराई पर चर्चा चल पड़ी।महाराज कृष्णदेव के दरबार