गलती को स्वीकारना

गलती को स्वीकारना अपनी गलती स्वीकार कर लेने में लज्जा की कोई बात नहीं है। इससे, दुसरे शब्दों में, यही प्रमाणित होता है कि। बीते हुए कल की अपेक्षा