kaal bhairav aarti

श्री भैरव की आरती

जय भैरव देवा प्रभु जय भैरव देवा। जय काली और गौरा कृतसेवा।।तुम पापी उद्धारक दुख सिन्धु तारक। भक्तों के सुखकारक भीषण वपु धारक।।वाहन श्वान विराजत कर त्रिशूल धारी। महिमा अमित तुम्हारी जय जय