श्री गणेश चालीसा

॥ दोहा॥ जय गणपति सदगुण सदन, कवि वर बदन कृपाल। विघ्न हरण मंगल करण, जय जय गिरिजालाल ॥ ॥ चौपाई ॥ जय जय जय गणपति गणराजू। मंगल भरण करण शुभ काजू ॥ जै गजबदन सदन