॥ दोहा ॥ विश्वेश्वर पदपदम की रज निज शीश लगाय ।... more
॥ दोहा॥ मात श्री महाकालिका ध्याऊँ शीश नवाय । जान... more
॥ दोह॥ जयकाली कलिमलहरण, महिमा अगम अपार महिष... more
॥ दोहा॥ ह्रीं, श्रीं क्लीं मेधा, प्रभा, जीवन... more
॥ दोहा ॥ श्री गुरु चरणन ध्यान धर, सुमीर... more
॥ दोहा ॥ जय ब्रह्मा जय स्वयम्भू, चतुरानन सुखमूल।... more
॥ दोहा॥ श्री गणपति ग़ुरुपद कमल, प्रेम सहित... more
जय हनुमान ज्ञान गुण सागर अर्थात श्री हनुमान... more
गायत्री माता की आरती जयति जय गायत्री माता, जयति... more
जय पार्वती माता, मैया जय पार्वती माता ब्रह्म... more
भगवान श्रीकृष्ण की आरती परमानन्द मुरारी मोहन... more
एक बार दो मित्र व्यापार करने जाते हैं उनके पास... more