दीवाली पर लक्ष्मी प्राप्ति के अचूक उपाय (धन प्राप्ति के लिए मंत्र साधना) -Deepawali Laxmi Prapti Mantra Sadhna Upay
Deepawali Laxmi/Dhan Prapti Mantra Upay – अनेक वर्षो से हम सभी भारतवर्ष में यह दीपावली का त्योहार मानते आ रहे हैं। हमे यदि वाहन अथवा कोई अन्य महंगी वस्तु आदि खरीदनी होती है तो हम सभी पूरे वर्ष को छोड़कर केवल दीवाली (Diwali) के त्योहार का इंतजार करते है। ताकि अपनी मन चाही वस्तु दीपावली पर खरीदकर घर में खुशियां ला सके। लेकिन यह त्योहार केवल खरीदारी के लिए ही नहीं है बल्कि लक्ष्मी प्राप्ति के लिए भी बड़ा ही अनुकूल समय है।
इसलिए आज हिंदी रसायन पर हम आपको एक ऐसी सरल मंत्र साधना बता रहे हैं। जिसे धनतेरस से दीपावाली तक विधिपूर्वक किया जाए तो जीवन भर आपके पास धन का आगमन होता ही रहेगा। नीचे बतायी गयी लक्ष्मी प्राप्ति हेतु मंत्र उपाय विधि करने वाले साधक पर निश्चित ही माँ लक्ष्मी (Maa Laxmi) की कृपा सदैव बनी रहती है।
दीवाली पर लक्ष्मी प्राप्ति के 2 अचूक उपाय – Laxmi Prapti ke Upay on Diwali 2026
पुराणों में वर्णित है कि दीपावली के दिन लक्ष्मी जी का जन्मदिवस माना जाता है। समुद्र मंथन के समय प्राप्त 14 रत्नों में से आठवें रत्न के रूप में क्षीरसागर से माँ लक्ष्मी प्रकट हईु थी। जिन्होंने स्वयं भगवान विष्णु को वर लिया था। अतः घर में लक्ष्मीजी के वास से दुःख व् दरिद्रता का नाश और जीवन निर्वाह हेतु आजीविका के मार्ग खुलते है। इसलिए आज हम आपको धन एवं ऐश्वर्य प्राप्ति के लिए एक ऐसी साधना व उपाय बता रहे है जिससे निश्चित ही घर में माँ लक्ष्मी का वास होगा और भगवान कुबेर की कृपा आप पर बरसेगी। यह साधना करने वाले पर माता लक्ष्मी अवश्य प्रसन्न होती है।
यहाँ हम आपको दो प्रकार की साधना बताने जा रहे है जिनमे से पहली साधना धनतेरस से आरम्भ कर दीवाली तक तथा दूसरी दीपावली से भाई दूज तक की जाती है।
सामग्री: दक्षिणावर्ती शंख, कुमकुम, केसर, गंगाजल, धूप-अगरबत्ती, घी का दीपक, लाल वस्त्र, माँ लक्ष्मी का चित्र
दीपावली पर धन प्राप्ति के लिए प्रथम साधना – Deepawali Dhan Prapti Sadhana
धनतेरस से आरम्भ करें
प्रथम साधना धनतेरस (शुक्रवार, 6 नवंबर 2026) से आरम्भ कर दीपावली (रविवार, 8 नवंबर 2026) तक अर्थात तीन दिन तक की जाती है। धनतेरस यानि धनत्रयोदशी के दिन रत्न आभूषण से सुशोभित भगवान धन्वंतरि हाथ में वनस्पति औषधि तथा अमृत कलश लिए खारे-खारे समुद्र से प्रकट हुए थे। जिस कारण धन प्राप्ति एवं स्वास्थ्य वृद्धि के लिए यह दिन अत्यंत ही शुभ माना जाता है।
अवधि: 3 दिन
विधि:
- प्रातः स्नान कर शुद्ध हो जाएं और एक पटरे पर लाल कपड़ा बिछाकर उस पर माता लक्ष्मी का चित्र अथवा मूर्ति रखें।
- गणेश भगवन के पूजन से शुरू करते हुए विधि आरम्भ करें
- अब दक्षिणावर्ती शंख पर केसर से स्वस्तिक बनाकर कुमकुम/रोली से तिलक करके माँ लक्ष्मी के सामने रख दें।
- स्फटिक के मोतियों से बनी माला को गंगाजल से शुद्ध कर रोली से तिलक करें और उसके बाद स्वयं अपने मस्तक पर भी तिलक लगाएँ।
- धनतेरस की सुबह से शुरू करते हुए तीन दिन तक रोजाना स्फटिक की माला से नीचे दिए मंत्र की 7 मालाएं करें।
- उसे बाद माता लक्ष्मी की आरती जरूर करें।
मंत्र
ॐ ह्रीं ह्रीं ह्रीं महालक्ष्मी धनदा लक्ष्मी कुबेराय मम गृह स्थिरो ह्रीं ॐ नमः।
मंत्र जप पूरा होने के बाद दक्षिणावर्ती शंख को प्रणाम कर लाल कपड़े में बांधकर घर में किसी साफ़ स्थान पर रख दें। जब तक यह शंख घर में रहेगा तब तक घर में निरंतर उन्नति व धन का आगमन होता रहेगा।
दीपावली पर धन प्राप्ति की दूसरी साधना – Diwali Laxmi Prapti Mantra Sadhana Vidhi
लक्ष्मी प्राप्ति के लिए ऊपर बतायी गयी पहली साधना के बाद दूसरी साधना दीपावली (रविवार, 8 नवंबर 2026) से आरम्भ कर भाई दूज (बुधवार, 11 नवंबर 2026) तक की जाती है। यह धन प्राप्ति का एक उत्तम उपाय है। सामान्यतः यह साधना तीन दिन की होती है, लेकिन 2026 में दीपावली और भाई दूज के बीच एक दिन अधिक होने के कारण यह चार दिन तक चलेगी।
अवधि: 4 दिन (8 से 11 नवंबर 2026)
विधि:
- दीपावली के दिन से भाई दूज तक रोजाना प्रातः नित्यक्रिया से निर्वत्त हो स्नान करके स्वच्छ पीले वस्त्र धारण करें।
- लाल वस्त्र बिछे एक पटरे पर माँ लक्ष्मी की मूर्ति अथवा चित्र लगाकर माँ लक्ष्मी को तिलक करें। धुप-दीप तथा घी का दीपक जलाएं।
- दक्षिणावर्ती शंख पर केसर से स्वस्तिक बनाकर तिलक करके माँ लक्ष्मी के सामने रख दें।
- अब स्फटिक के मोतियों से बनी माला से रोजाना (दीपावली से भाई दूज तक) दो मालाएं नीचे लिखे मंत्र से जाप करें। मंत्र जाप से पहले स्फटिक की माला को गंगाजल से शुद्ध कर केसर से तिलक कर लें और उसके बाद स्वयं अपने मस्तक पर भी तिलक लगाएँ।
- मंत्र जाप के बाद माँ लक्ष्मी की आरती उतारें।
मंत्र:
ॐ नमः भाग्यलक्ष्मी च विदमहे।
अष्टलक्ष्मी च धीमहि।
तन्नोलक्ष्मी प्रचोदयात्।
Om Namah Bhagyalakshmi Cha Vidmahe Ashtalakshmi Cha Dheemahi Tanno Lakshmi Prachodayaat।
ध्यान दें:
- ऊपर बताएं गए उपाय विश्वास रख कर किये जाए तो अपना पूर्ण फल निश्चित ही देते है।
- मंत्र जप पूरा होने के बाद दक्षिणावर्ती शंख को प्रणाम कर लाल कपड़े में बांधकर घर में किसी साफ़ स्थान पर रख दें। जब तक यह शंख घर में रहेगा तब तक घर में निरंतर उन्नति व धन का आगमन होता रहेगा।