Monday, 25 September, 2017
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पलंग पर राजा के सोने और हुक्का पीने की आवाज आती है इस किले में आज भी !

आज हम आपको एक ऐसे ही किले ‘गागरोन’ के बारे में बताएंगे। जो चारों ओर पानी से घिरा हुआ है। यही नहीं ये भारत का एकमात्र ऐसा किला है जिसकी

द्रौपदी को था महारथी कर्ण से प्रेम

महाभारत में द्रौपदी के बारे में आप सब तो अच्छे से जानते होगे पर आपको ये ज्ञात नही होगा की द्रौपदी को पांच पतियों से विवाह से पूर्व महारथी कर्ण

विशाल महल अब खंडहर में परिवर्तित

झारखण्ड की राजधानी से 18 किलोमीटर की दुरी पर रांची-पतरातू मार्ग के पिठौरिया गांव में 2 शताब्दी पुराना राजा जगतपाल सिंह का किला स्थित है। यह 100 कमरों वाला विशाल

गंधर्वपुरी का श्रापित गाँव

मध्यप्रदेश के देवास जिले के गाँव गंधर्वपुरी को श्रापित गाँव माना जाता है। यह गाँव प्राचीनकाल में राजा गंधर्वसेन के श्राप से पूरा पाषाण में बदल गया था। यहां का

सच्चे प्रेम की निशानी बना हुआ है आज भी ये सतयुग का पत्थर

बीर लोरिक का यह पत्थर सतयुग की एक प्रेम कथा को अपने में समेटे है हुए उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले की सोन नदी के किनारे खड़ा है। इसके पीछे छुपी

इर्ष्या में किया खुदका नुकसान

एक व्यक्ति था शिवलाल वह कही जा ही रहा था और बहुत जल्दी में था, तो अचानक वहा न्याय के देवता यमराज प्रकट हुए यमराज ने शिवलाल से पीने के

भौकने वाले भौकते है उनका काम है भौकना

एक बुजुर्ग थे रामनाथन जी  एक दिन वह टहलने निकले। सुबह सुबह टहलते टहलते उन्होंने ने देखा की एक गरीब सी फटे कपडे पहने महिला हाथ में बोरा लिए कचरा