Maa Durga Aarti Ambe Tu Hai Jagdambe Kali

माँ दुर्गा जी की आरती

अम्बे तू है जगदम्बे काली जय दुर्गे खप्पर वाली। तेरे ही गुण गायें भारती, ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती ॥ तेरे भक्त जनों पर माता, भीड़ पड़ी है भारी। दानव दल

भगवान श्रीराम की आरती

श्री रामचंद्र कृपालु भजमन हरण भव भय दारुणं। नव कंजलोचन, कंज मुख, करकंज, पद कंजारुणं।। कंदर्प अगणित अमित छबि नवनीत नीरद सुंदरं। पटपीत मानहु तडित रूचि शुचि नौमि जनक सुतावरं।।प्रभु राम श्रीराम ..... भजु

Vishnu bhagwan aarti Om Jai Jagdish Hare in hindi

विष्णु भगवान की आरती

ओम जय जगदीश हरे आरती ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे। भक्त जनों के संकट, क्षण में दूर करे॥ ओउम...... जो ध्यावे फल पावे, दुःख विनसे मन का। सुख सम्पति घर आवे,

kaal bhairav aarti

श्री भैरव की आरती

जय भैरव देवा प्रभु जय भैरव देवा। जय काली और गौरा कृतसेवा।। तुम पापी उद्धारक दुख सिन्धु तारक। भक्तों के सुखकारक भीषण वपु धारक।। वाहन श्वान विराजत कर त्रिशूल धारी। महिमा अमित तुम्हारी जय जय

श्री गंगा माता की आरती

माँ गंगा आरती ऊँ जय गंगे माता, श्री गंगे माता । जो नर तुमको ध्यावत, मनवंछित फल पाता।। ऊँ जय गंगे माता... चन्द्र सी ज्योत तुम्हारी जल निर्मल आता। शरण पड़े जो तेरी, सो

श्रीमद्भागवत पुराण की आरती

आरती अतिपावन पुराण की। धर्म भक्ति विज्ञान खान की।। महापुराण भागवत निर्मल, शुक मुख विगलित निगम कल्ह फल। परमानन्द-सुधा रसमय फल, लीला रति रस रसिनधान की।। आरती श्री मद्भागवत पुराण की... कलिमल मथनि

शनिदेव की आरती

जय जय जय श्री शनि देव भक्तन हितकारी। सूरज के पुत्र प्रभु छाया महतारी। जय जय जय शनि देव... श्याम अंक वक्र-दृष्टि चतुर्भुजाधारी। नीलाम्बर धार नाथ गज की असवारी।। जय जय जय शनि देव... किरीट

भगवान शिव की आरती

ॐ जय शिव ओंकारा, भज जय शिव ओंकारा। ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्ध्दांगी धारा॥ ॐ जय शिव ओंकारा...... एकानन चतुरानन पंचानन राजे। हंसासन, गरुड़ासन, वृषवाहन साजे॥ ॐ जय शिव ओंकारा...... दो भुज चार चतुर्भुज दस

श्री कुंजबिहारी की आरती

श्री कुंजबिहारी की आरती

आरती कुंज बिहारी की आरती कुंज बिहारी की, श्री गिरधर कृष्ण मुरारी की। गले में बैजन्ती माला, बजावै मुरली मधुर बाला। श्रवन में कुंडल झलकाला, नंद के आनंद नंदलाला। नैनन बीच, बसहि उरबीच, सुरतिया