श्री गंगा माता की आरती

माँ गंगा आरती ऊँ जय गंगे माता, श्री गंगे माता । जो नर तुमको ध्यावत, मनवंछित फल पाता।। ऊँ जय गंगे माता... चन्द्र सी ज्योत तुम्हारी जल निर्मल आता। शरण पड़े जो तेरी, सो

श्रीमद्भागवत पुराण की आरती

आरती अतिपावन पुराण की। धर्म भक्ति विज्ञान खान की।। महापुराण भागवत निर्मल, शुक मुख विगलित निगम कल्ह फल। परमानन्द-सुधा रसमय फल, लीला रति रस रसिनधान की।। आरती श्री मद्भागवत पुराण की... कलिमल मथनि

kaal bhairav aarti

श्री भैरव की आरती

जय भैरव देवा प्रभु जय भैरव देवा। जय काली और गौरा कृतसेवा।। तुम पापी उद्धारक दुख सिन्धु तारक। भक्तों के सुखकारक भीषण वपु धारक।। वाहन श्वान विराजत कर त्रिशूल धारी। महिमा अमित तुम्हारी जय जय

शनिदेव की आरती

जय जय जय श्री शनि देव भक्तन हितकारी। सूरज के पुत्र प्रभु छाया महतारी। जय जय जय शनि देव... श्याम अंक वक्र-दृष्टि चतुर्भुजाधारी। नीलाम्बर धार नाथ गज की असवारी।। जय जय जय शनि देव... किरीट

भगवान शिव की आरती

ॐ जय शिव ओंकारा, भज जय शिव ओंकारा। ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्ध्दांगी धारा॥ ॐ जय शिव ओंकारा...... एकानन चतुरानन पंचानन राजे। हंसासन, गरुड़ासन, वृषवाहन साजे॥ ॐ जय शिव ओंकारा...... दो भुज चार चतुर्भुज दस

श्री कुंजबिहारी की आरती

श्री कुंजबिहारी की आरती

आरती कुंज बिहारी की आरती कुंज बिहारी की, श्री गिरधर कृष्ण मुरारी की। गले में बैजन्ती माला, बजावै मुरली मधुर बाला। श्रवन में कुंडल झलकाला, नंद के आनंद नंदलाला। नैनन बीच, बसहि उरबीच, सुरतिया

शिर्डी वाले साईं बाबा की आरती

साईं बाबा आरती 1 आरती श्री साईं गुरुवर की | परमानन्द सदा सुरवर की ।। जा की कृपा विपुल सुखकारी | दुःख, शोक, संकट, भयहारी ।। शिरडी में अवतार रचाया | चमत्कार से तत्व दिखाया ।। कितने

Tulsi Mata ki Aarti lyrics

श्री तुलसी माता की आरती

तुलसी माता की आरती जय तुलसी माता, मैया जय तुलसी माता। सब सुख की दाता वर माता ।। जय जय तुलसी माता... सब योगों के ऊपर, सब रोगों के ऊपर। रज से रक्षा करके

श्री राधा जी की आरती

आरती श्री वृषभानुसुता की, मंजु मूर्ति मोहन ममता की।। त्रिविध तापयुत संसृति नाशिनि, विमल विवेक विराग विकासिनि। पावन प्रभु पद प्रीति प्रकाशिनि, सुन्दरतम छवि सुन्दरता की।। आरती श्री वृषभानुसुता की... मुनि मन मोहन

भगवान बालकृष्ण की आरती

आरती बालकृष्ण की कीजे। अपना जनम सफल करि लीजे।। श्री यशोदा का परम दुलारा। बाबा की अखियन का तारा ।। गोपिन के प्राणन का प्यारा। इन पर प्राण निछावर कीजे।। आरती बालकृष्ण