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100 वर्षों के बाद करवा चौथ का शुभ संयोग

100 वर्षों के बाद करवा चौथ का शुभ संयोग ( karwachauth varat vidhi )

19 अक्टूबर 2016 बुधवार को करवाचौथ मनाया जाएगा।  इस बार 100 वर्षों के बाद करवा चौथ पर 4 शुभ संयोग बन रहे हैं। इस बार का करवाचौथ रोहिणी नक्षत्र में मन रहा है। ज्योतिषियों के अनुसार चंद्रमा रोहिणी नक्षत्र में उदय होगा और अपनी उच्च राशि वृषभ में रहेगा वहीं बुध अपनी कन्या राशि में रहेगा। इसी दिन गणेश चतुर्थी और कृष्णजी की रोहिणी नक्षत्र भी है। इस बार वर्त रखने के लिए बहुत ही शुभ बेला बनी हुई है  इस दिन विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए निर्जला व्रत रखती हैं तो आइए जाने कैसे मनाया जाता है यह व्रत

इस साल करवाचौथ 19/10/2016 में बुधवार के दिन मनाया जाएगा करवाचौथ की  पूजा का शुभ मुहूर्त : शाम 05 बजकर 43 मिनट से लेकर 06 बजकर 59 मिनट तक होगा

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करवा चौथ की  पूजा विधि जाने  

पुराणों  के अनुसार इस दिन भगवान गणेश की पूजा की जाती है । करवा चौथ की पूजा करने के लिए रेत  या गेहू की वेदी बनाकर भगवान शिव ,माँ पार्वती,स्वामी कार्तिकेय, चंद्रमा और गणेश जी को स्थापित कर उनकी विधिपूर्वक पूजा की जाती है महिलाए पूर्ण सिंगार करके व्रत रखती है

पूजा के बाद करवा चौथ की कथा सुनी  जाती है तथा चंद्रमा को अर्घ्य देकर छन्नी  से पति को देखा जाता है

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कहा जाता है चन्द्रमा को सीधे नहीं देखना चाहिए  इससे अप्येश का सामना करना पड़ता है इसलिए इस दिन चन्द्रमा को छन्नी से देखा जाता है।

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इस दिन पति के हाथों से ही पानी पीकर व्रत खोला जाता है । इस प्रकार करवा चौथ के दिन शाम के समय चन्द्रमा को अर्घ्य देकर ही व्रत खोला जाता है। इस दिन बिना चन्द्रमा को अर्घ्य दिए व्रत तोड़ना अशुभ माना जाता है।

 

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Title: karwachauth varat vidhi religion in Hindi | In Category: धर्म कर्म Religion

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Shanu Shetri
Shanu Shetri - Author at hindirasayan.com.

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