Maa Ambe ji ki Aarti

माँ अम्बे जी की आरती

आरती: अम्बे जी की Jai Ambe Gauri Aarti जय अम्बे गौरी मैया जय श्यामा गौरी । तुमको निशदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी ॥ मांग सिंदूर विराजत टीको मृगमद को । उज्ज्वल से दोउ नैना,

Maa Ganga Aarti Lyrics Hindi Om Jai Gange Mata श्री गंगा माता की आरती

श्री गंगा माता की आरती

माँ गंगा आरती ऊँ जय गंगे माता, श्री गंगे माता । जो नर तुमको ध्याता, मनवंछित फल पाता।। ऊँ जय गंगे माता...चन्द्र सी ज्योत तुम्हारी जल निर्मल आता। शरण पड़े जो तेरी, सो

kaal bhairav aarti

श्री भैरव की आरती

जय भैरव देवा प्रभु जय भैरव देवा। जय काली और गौरा कृतसेवा।।तुम पापी उद्धारक दुख सिन्धु तारक। भक्तों के सुखकारक भीषण वपु धारक।।वाहन श्वान विराजत कर त्रिशूल धारी। महिमा अमित तुम्हारी जय जय

श्रीमद्भागवत पुराण की आरती

आरती अतिपावन पुराण की। धर्म भक्ति विज्ञान खान की।।महापुराण भागवत निर्मल, शुक मुख विगलित निगम कल्ह फल। परमानन्द-सुधा रसमय फल, लीला रति रस रसिनधान की।। आरती श्री मद्भागवत पुराण की...कलिमल मथनि

शनिदेव की आरती

जय जय जय श्री शनि देव भक्तन हितकारी। सूरज के पुत्र प्रभु छाया महतारी। जय जय जय शनि देव...श्याम अंक वक्र-दृष्टि चतुर्भुजाधारी। नीलाम्बर धार नाथ गज की असवारी।। जय जय जय शनि देव...किरीट