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मुस्तफा दर्जी और हाथी की कहानी

मुस्तफा दर्जी और हाथी की कहानी

एक गावं में एक दर्जी रहता था जिसका नाम मुस्तफा था। वह बहुत दयालु स्वभाव का परिश्रमी व्यक्ति था। जब वह अपनी दुकान पर कपड़े सिलता रहता था तो उसकी

मुसीबत में सच्ची मित्रता ही काम आती है

मीकु खरगोश को जाड़े के आगमन का अहसास हो रहा था। उसने सोचा हर साल उसे सर्दी में ठिठुरना पड़ता है क्यों न इस बार दोस्तों के साथ मिलकर अपने

ईमानदारी का फल देर से ही सही, पर मिलता जरूर हैं।

अहमदाबाद में वासणा नामक एक इलाका है। वहाँ एक इंजीनियर रहता था, जो नहर का कार्यभार भी सँभालता था। वही आदेश देता था कि किस क्षेत्र में पानी देना है।

मेहनत की कमाई का मूल्य

एक लड़का था करीब 12 या 13 साल का जो काफी आलसी और निक्कमा था। उसके माता-पिता उसके ऐसे व्यवहार से काफी परेशान थे और उसके भविष्य के बारे में सोचकर 

एक गिलास “दूध” का मूल्य

यह कहानी एक अनाथ बच्चे की है जो पढ़ना चाहता था। वह अपनी पढ़ाई के लिए श्रीनगर की गलियों में घूम-घूम कर छोटी-मोटी चीज़े बेचता था। एक दिन बहुत तेज