Monday, 21 August, 2017
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श्राप ! से देवी-देवता भी नही बच पाए,स्वयं विष्णु ने भी उठाया था श्राप का भार

अधिकतर श्राप ऋषि-महर्षियों द्वारा मनुष्य  को दिया जाता था। ये तो आप अवश्य जानते होंगे पर भगवान को भी श्राप का सामना करना पड़ा था। क्या ये आप जानते है?

भगवान “गणेश” की पूजा में दूर्वा का महत्व क्या है जानिये

हिन्दू धर्मशास्त्रों के अनुसार भगवान गणेश का एक रूप धूम्रकेतु है कहा जाता है ।भगवान गणेश के इसरूप की पूजा करने से मनोकामना पूर्ण हो सकती है इसलिए बड़ी आस्था

इसीलिए देवो पर नही चड़ते केतकी के फूल !

यह तो आप सभी जानते है की ब्रम्हा जी  इस श्रृष्टि के रचना कार माने जाते है पर ये बात भी सत्य है की उनकी पूजा मन्दिरों में नही की

स्वयं महादेव भी नही बच पाए थे शनि की वक्र दृष्टि से

भगवान शिव इस सुंदर श्रृष्टि के निर्माण नायक है उन्होंने इंसान जानवर सबको बनाया और देवो को शक्ति दी उन्ही में से एक देव है।शनि देव जिनको कर्म फलदाता की

गुरु ग्रह का कमजोर होना करता है धन की कमी जानिए कैसे

ज्योतिष के अनुसार गुरुवार को गुरु ग्रह को कमजोर किए जाने वाले काम करने से धन की वृद्धि रुक जाती है। धन लाभ की जो भी स्थितियां बन रही हों।

इस ज्योतिर्लिंग के स्थापना के पीछे कुंभकर्ण के पुत्र की है एक कथा

भीमशंकर महादेव काशीपुर में भगवान शिव का प्रसिद्ध मंदिर और तीर्थ स्थान है। यहां का शिवलिंग काफी मोटा है जिसके कारण इन्हें मोटेश्वर महादेव भी कहा जाता है। पुराणों में

यदि चाहते है की गुरु बृहस्पति का प्रकोप आप पर ना पड़े तो भूल कर भी ना करे ये काम गुरूवार के दिन

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार गुरुवार के दिन ऐसे काम नहीं करने चाहिए जिससे आपके परिवार को कोई परेशानी या फिर आपको आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़े। इसलिए आज हम

समुद्र में बसे है यहाँ भगवान आज भी

हिन्दुओं के धार्मिक स्थल वैसे तो पूरी दुनिया में फैले हुए है। संसार में एक जगह ऐसी भी है, जहां समुद्र के नीचे धार्मिक स्थल देखने को मिलते है।आइए देखते

क्यों नही रखी जाती मंदिरों में मूर्ति ,सिर्फ पुष्कर में है इनकी मूर्ति

सभी देवी देवता के खूब सारे मंदिर और मुर्तिया है भारत में और अन्य देशो में भी है पर ब्रम्हा जी के मन्दिर बहुत ही कम है तथा उनकी पूजा

कभी सुना है ऐसे 8 मंदिरो के प्रसाद के बारे में

मंदिरों में  आम तौर पर बस आपने नारियल, मिश्री, चिरोंजी,चने या कोई मिठाई ही खाई होगी पर आज हम ऐसे मंदिरों के बारे बताने जा रहे है जहाँ अजीब अजीब