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यदि चाहते है की गुरु बृहस्पति का प्रकोप आप पर ना पड़े तो गुरूवार के दिन भूलकर भी ना करें ये काम

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार गुरुवार के दिन ऐसे काम नहीं करने चाहिए जिससे आपके परिवार को कोई परेशानी या फिर आपको आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़े। इसलिए आज हम

Vishnu bhagwan aarti Om Jai Jagdish Hare in hindi

विष्णु भगवान की आरती

ओम जय जगदीश हरे आरती ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे। भक्त जनों के संकट, क्षण में दूर करे॥ ओउम...... जो ध्यावे फल पावे, दुःख विनसे मन का। सुख सम्पति घर आवे,

Maa Ambe ji ki Aarti

माँ अम्बे जी की आरती

आरती: अम्बे जी की जय अम्बे गौरी मैया जय श्यामा गौरी । तुमको निशदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी ॥ मांग सिंदूर विराजत टीको मृगमद को । उज्ज्वल से दोउ नैना, चंद्रवदन नीको ॥ जय.. कनक

हलवा: भारत के मंदिरों में मिलने वाला प्रसाद

कभी सुना है ऐसे मंदिरों के प्रसाद के बारे में, कही मिलती हैं चाऊमीन तो कही डोसा

मंदिरों में आम तौर पर बस आपने नारियल, मिश्री, चिरोंजी,चने या कोई मिठाई ही खाई होगी पर आज हम ऐसे मंदिरों के बारे बताने जा रहे है जहाँ अजीब-अजीब तरह के

भगवान “गणेश” की पूजा में दूर्वा का महत्व क्या है जानिये

हिन्दू धर्मशास्त्रों के अनुसार भगवान गणेश का एक रूप धूम्रकेतु है कहा जाता है ।भगवान गणेश के इसरूप की पूजा करने से मनोकामना पूर्ण हो सकती है इसलिए बड़ी आस्था

स्वयं महादेव भी नही बच पाए थे शनि की वक्र दृष्टि से

भगवान शिव इस सुंदर श्रृष्टि के निर्माण नायक है उन्होंने इंसान जानवर सबको बनाया और देवो को शक्ति दी उन्ही में से एक देव है।शनि देव जिनको कर्म फलदाता की

श्राप ! से देवी-देवता भी नही बच पाए,स्वयं विष्णु ने भी उठाया था श्राप का भार

अधिकतर श्राप ऋषि-महर्षियों द्वारा मनुष्य  को दिया जाता था। ये तो आप अवश्य जानते होंगे पर भगवान को भी श्राप का सामना करना पड़ा था। क्या ये आप जानते है?

इसीलिए देवो पर नही चड़ते केतकी के फूल !

यह तो आप सभी जानते है की ब्रम्हा जी  इस श्रृष्टि के रचना कार माने जाते है पर ये बात भी सत्य है की उनकी पूजा मन्दिरों में नही की

गुरु ग्रह का कमजोर होना करता है धन की कमी जानिए कैसे

ज्योतिष के अनुसार गुरुवार को गुरु ग्रह को कमजोर किए जाने वाले काम करने से धन की वृद्धि रुक जाती है। धन लाभ की जो भी स्थितियां बन रही हों।

इस ज्योतिर्लिंग के स्थापना के पीछे कुंभकर्ण के पुत्र की है एक कथा

भीमशंकर महादेव काशीपुर में भगवान शिव का प्रसिद्ध मंदिर और तीर्थ स्थान है। यहां का शिवलिंग काफी मोटा है जिसके कारण इन्हें मोटेश्वर महादेव भी कहा जाता है। पुराणों में