Monday, 23 October, 2017
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बात करने से ही निकलता है समस्या का हल

बात करने से ही निकलता है  समस्या का हल ( the issue come to the point )

स्वेता और राज एक दुसरे  के बचपन के अच्छे दोस्त थे एक स्कूल में साथ पड़े और बड़े होकर भी एक ही कॉलेज में साथ पड़े एक दुसरे को पसंद करने लगे धीरे धीरे और उनका प्यार बहुत गहरा हो गया राज ऑफिस में और स्वेता घर पर बस एक दुसरे को याद करते रहते थे|एक दिन राज ने स्वेता को कॉल किया पर स्वेता ने कॉल नही उठाया राज ने

सुबह से कम से कम 5 बार कॉल किया  होगा आफिस के तमाम जरूरी कामों के बीच भी उसे बस यही  याद है की आज सुबह से ही स्वेता ने  कॉल नही उठाया शुरू में जब दो तीन बार उसने कॉल नही उठाया  तो राज  को लगा की सो रही होगी पर जब रात के  ग्यारह बजने को आये और आठ दस बार भी कॉल करने पर सामने से कोई जबाब न आया तो उसे  अब एक अजीबसा डर् सताने लगा

एक प्राइम लिमिटेड  कम्पनी में एच आर  की नौकरी कर रहा  राज और एक  एजेंसी में काम कर रही स्वेता 3  साल से रिलेशनशिप में थे

एक बार राज  ने जब स्वेता  को पूछा की प्यार क्या होता है? तो स्वेता  ने बड़ा खूबसूरत सा जबाब दिया

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दूर बैठकर भी जब आपका  बस एक  भी सुकून भरा मेसेज आता है की  आई एम् फाईन और उसे पढ़ के जो मेरे चेहरे पर जमाने भर की ख़ुशी आ जाती है शायद यही प्यार होता है!
राज  एक बार  फिर स्वेता  को कॉल करता है इस बार कॉल उठ जाती है !

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राज कहता है- स्वेता यह क्या है यार  सुबह से कितने कॉल किये है कहा थी तुम आखिर हुआ क्या है कई दिन से नोटिस कर रहा हूँ तुम बदली बदली सी लग रही हो  मन  भर गया है क्या मुझसे  बात क्या है  अब कुछ बोलोगी भी की नही!
स्वेता कहती है -मुझे बोलने दोगे राज़
राज- ओके अब बोलो बात क्या है?
स्वेता-  यार वो मैने न नींद की गोलियां लेके सो गई थी पहली बार लिया था तो पता नही था कितनी लू ज्यादा हो गयी अभी तक सो रही थी
राज- क्या नींद की गोली ? तुम्हारा दिमाग ख़राब है अब इसकी क्या जरूरत पड़ गयी राज  चिंता में था |
स्वेता कहती है-  अरे बाबा कल रात में नींद नही आ रही थी बड़ा टेन्सन सा फील कर रही थी गोलियां रखी थी वही  खा कर सो गई !
राज – टेंशन में थी तो मुझसे बात कर सकती थी न गोलियां खाकर सोने की क्या जरूरत थी तुम्हे पता है जान भी जा सकती है राज  चिल्ला पड़ा

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स्वेता- पता है मुझे  कभी कभी इतनी टेंशन हो जाती है की मन करता है की.हमेशा के लिए सो जाऊ
राज-  क्या ? स्वेता इस वक्त अगर तुम सामने होती तो थप्पड़  मार् देता मै यार कोई दिक्कत हो तो मुझसे शेयर करो न मन में एसे बकवास ख्याल लाने की  क्या जरूरत है आज तो कह दिया आगे से कभी न कहना नही तो मुझसे बुरा कोई न होगा मुझे बोलो बात क्या है?

स्वेता कहती है – राज घर  के मसले है मेरे  पापा अब बूढ़े  हो गए है उन्हें मेरी फ़िक्र सी रहती है. सबसे ज्यादा  मेरी शादी को लेकर परेशान रहते है अब जब  भैया को पहले शादी करना है  कई रिश्ते आये पर उन्हें कोई पसन्द ही नही आता है पापा और भैया को हम दोनों के रिश्ते के बारे में पता है और उन्हें इस बात से कोई दिक्कत भी नही है पर जब तक भैया की शादी नही हो जाती तब तक मै कैसे कर सकती हु . मै सोचती हूँ की भाभी आ जाये तो पापा का ख्याल रखने वाला कोई तो घर पर होगा  दिक्कत यह है की बड़े भैया और पापा  की जमती नही  है पापा मुझसे अधिक खुले हुए है अपनी हर दिक्कत हर बात मुझसे कहते है भैया को यह समझ में ही नही आता है

राज बोला- ओह्ह तो यह बात है सबसे पहले तो तुम  चिंता लेना छोड़ दो स्वेता  तुम्हारी हर दिक्कत हर परेशानी मेरी भी है मै हरदम तुम्हारे  साथ हूँ

स्वेता बोली- भैया कभी एक रिलेशन शिप में थे एक लड़की से बेहद प्यार करते थे कई साल वह रिश्ता चला फिर एक दिन अचानक से लड़की के घर वालो ने लड़की की शादी कर दी भैया इस बात से काफी दुखी  से हो गए रिश्तों को लेकर वह निराश हो गए अब जब शादी के और रिश्ते आते है तो वो उसे गम्भीरता से नही लेते है मैने और पापा ने कितनी बार पहल की पर जब भी उनसे इस बारे में बात करो वो गुस्सा हो जाते है|

Feeling blue

राज – तुम्हे पता है स्वेता  रिश्तों का दूर होना कितना दुखदाई  होता है भैया की हालत को मै समझ सकता हूँ उनके दिल को जो ठेस आई है वह उससे उबर नही पा रहे है तुम्हे कुछ करना नही है बस एक दिन भैया का मूड देखकर उन्हें प्यार से समझा दो
स्वेता-  परेशान होकर बोली अरे सब कुछ करके देख लिया पर भैया नहीं मानते अब राज- ने एक आईडिया सोचा  की कुछ ड्रामा करके भैया  को राजी करवाते है
स्वेता-  बोली करना क्या होगा
राज – बोला की  मै चाहता हूँ की पापा खूब जिये पर हम सब की भलाई के लिये थोडा सा झूठ बोलना होगा….डॉक्टर को भी अपने प्लान में शामिल करना होगा  और पापा को भी डॉक्टर भैया को बोलेगा की पिता जी के शरीर में कोई भी एक बडी बीमारी के लक्षण दिख रहे है अब यह ज्यादा महीनें जिन्दा नही रहेंगे फिर पापा भैया को यह एहसास दिलाएगे की उनकी शादी ही अब उनके जीवन  की इच्छा  है तुम भी भैया को कॉल  कर करके यह बताना की पापा को उनकी शादी की बड़ी फ़िक्र है एक बार भैया मान गए और शादी हो गयी तो सब कुछ ठीक  हो जायेगा। पर इस बीच अच्छा परिवार और लड़की देखने की जिम्मेदारी तुम  पर होगी स्वेता

स्वेता – अगर भैया को शादी के बाद पता चला की पापा ठीक थे उन्हें कुछ नही हुआ तो आपके पास क्या जबाब होगा.स्वेता  बोल पड़ी
राज – अरे वो डाक्टर को फिर पकड़ लेंगे..न…वो भैया को समझा देगा की कुछ एसे भी  केस है  जिसमें फैमली का प्यार मिलता है उसमे ऐसे रोगी ठीक भी हो जाते है आपके पिता जी लकी है बस  भैया का गुस्सा खुद ही पिघल जायेंगा
स्वेता-  हस्ते हुए  बोली अरे वाह साहब इतना दिमाग क्यों लगाया जा रहा है.
राज -ताकि तुम्हे हरदम के लिये पा सकूँ…तुमने कहा था न की भैया की शादी होगी तभी अपनी होगी इसीलिए पहले उन्हें सेट कर ले फिर खुद सेट हो जायेगे राज हसने लगा स्वेता-अच्छा बस बस अब कॉल रखती हूँ |

राज ने जो प्लान बनाया था वो काम कर गया स्वेता के भैया की सुन्दर समझदार लडकी से शादी हो गई और राज और स्वेता की भी हो गई अब वो सब मिलकर खुशी  से रहने लगे

कहानी की सिख –

हमे इस कहानी में यह सिखने को मिलता है की यदि हम अपनी बात रखना सिख जाये तो बात जरुर बनती है निराशा से कुछ हासिल नहीं होता

 

Title: the issue come to the point

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Shanu Shetri
Shanu Shetri - Editor at hindirasayan.com.

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