Wednesday, 23 August, 2017
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रोहन का प्यार रैना

रोहन का प्यार रैना ( rohan ka pyar )

 

कॉलेज का पहला   दिन था रोहन  कॉलेज जल्दी पहुँच गया था तो यूँ ही गार्डन में  बैठे बैठे इधर उधर देख रहा था ।

वहा कॉलेज बस  आके रुकी  बस  से उसके दोस्त उतरे । उस बस से एक खूबसूरत लड़की,  पिंक  ड्रेस पहने उतरी । रोहन

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उसे देखने के लिए गार्डन  के कोने तक गया । गेट से बस काफी दूर रूकती थी । वो लडकी  गेट के तरफ आ रही थी ।

वो लडकी कॉलेज  में  आती  है तो रोहन जल्दी से नीचे   देखता  है की  वो लडकी  किस क्लास में जाती है ।   रोहन ने  सोचा उसे थोड़ा नजदीक से देखूंगा लेकिन रोहन को पता नहीं था की वो किस क्लास में पढ़ती है फिर कुछ पता नही चला तो रोहन  क्लास में जा कर बैठ गया  फिर अचानक वो लडकी भी उसी क्लास में आ गई जहा रोहन पड़ता था वह  ख़ुशी से पागल हो गया उसके लंबे  कमर तक खुले बाल, आँखे भूरी, गोरा  रंग वाकई बहुत खूबसूरत लग रही थी वो ।

रोहन  उठा उसे नजदीक से देखने के लिए तो उसने देखा   वो  सच में  बहुत ही खूबसूरत थी  ।

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फिर   टीचर ने हाजरी ली  जैसेही रैना  कहा तो वो बोली  प्रेजेंट सर  रोहन को उसका नाम भी पता चल गया   ।   रोहन सोचता है शक्ल  जितनी  सुंदर आवाज भी उतनी ही मीठी है रोहन मन ही मन सोचने लगा  क्लास में बहुत से स्मार्ट लड़के है  और मैं तो थोड़ा भी नहीं । उसे यह  भी पता था आधा क्लास उसी के पीछे पड़ने वाला है पर  फिर भी वह  आत्मविश्वास से भरा था की मै हार नही मानुगा सुरु में ही ।
धीरे धीरे दिन बीतते गए क्लास रूम में रैना की  हर एक हरकत पे रोहन की  नज़र होती थी फिर कॉलेज में परीक्षा सुरु हुई जिसमे रोहन का  परिणाम सबसे अच्छा आया उसे  इनाम मिला  सब लोग रोहन की  ओर देखकर ताली बजा कर तारीफ करने लगे इतने में अचानक  रैना की नज़रे रोहन से मिल जाती है  अब शायद रैना  भी रोहन को  कुछ कुछ नोटिस करने लगी थी । रोहन भी उसे बहुत दिनसे प्रपोज करना चाहता था ।

एक दिन यह बात रोहन ने  अपने एक दोस्त से कह दी  । उसका दोस्त कहता है   चल चलते हैं फिर  वो क्लास रूम में अकेली ही बैठी होगी उसके दोस्त तो है  नही अभी कोई अकेले अकेले रहती है मौका अच्छा है  । पर उस दिन वह नही बोल पाता   है और वापस आ जाते है

एक दिन दोस्त से कहा रोहन ने की  यार जरा उसके बारे कुछ पता कर के बता ना । दूसरे दिन  रोहन का दोस्त कहता है उसे कविताये बहुत पसंद है वह खुस हो गया  की मुझे भी कविता पसंद है में उसे कविता सुना कर पटा सकता हूँ

कॉलेज में कविता लेखन की प्रतियोगिता होती है जिसमे रोहन और रैना दोनों भाग लेते है

जिसमे रोहन की कविता पहले नम्बर पर आती है और उसका पेपर में नाम और फोटो भी आता है |रैना ने  एक कविता लिखी  थी  रोहन   बार बार उसकी कविता को पढ़ता रहता  । क्लास में अच्छे  कविताओं की तारीफ हो रही थी ।  तब रैना बोली अच्छा लिखते हो रोहन

रोहन ने रैना को  थैंक्स बोला ।

इतने में  एक लड़की बोली  रोहन  शायरी भी बहुत अच्छी करता है । रैना  ने कहा सच्ची । एक  लड़की एक दम बोल पडती है  – अरे पता नहीं क्या तुमको तुम्हारे ऊपर सबसे ज्यादा करता है । ये सुन के रैना  चुप हो जाती है । शायद रैना  को कुछ कुछ समझ में आने लगा था। रोहन  परिस्थिति को सँभालते हुए बोला  अरे रैना  वो पागल है कुछ भी  बोलती  है उसकी बातों पर ध्यान मत देना वैसे तुम्हारी कविता भी लाजवाब थी । उसने मुझे धन्यवाद देते हुए कहा तुम्हारी ज्यादा अच्छी थी । वह  दोनों कुछ देर तक चुप रहे फिर एक साथ खिलखिला के हँसने लगे ।

फिर कॉलेज  की छुट्टी हुई तो रोहन बस के पास साईकिल निकालकर खड़ा था उसे देखने के लिए । रैना  आई बस में बैठी और चली गई । आज रोहन का  दिल उछल उछल के धड़क रहा था । रैना का चेहरा रोहन की  आँखों में समाया हुआ था ।

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अगले दिन कॉलेज में टाइम टेबल लग गया की परीक्षाये सुरु होने वाली है तब तक 15 दिनका अवकाश रहेगा ,   रोहन ने आने  वाले एग्जाम के लिये  रैना को  बेस्ट ऑफ़ लक कहा रैना ने  भी रोहन को  कहा  दिमाग सिर्फ पढाई पर लगाना  कुछ दिन कविता शायरी बंद कर दो ।  फिर रैना यह कहकर मुस्काई, बाय बोला और बस में बैठ गई रोहन  बगल में खड़ा था रैना  खिड़की में से रोहन को  देख रही थी .. शायद उसे एहसास हो चूका था की रोहन  उससे प्यार करता है  ।  रोहन  बहुत उदास था और शायद रैना  भी । वो चली गई रोहन  उसे एकटक निगाहों से देखता रहा।
रोहन की  आँखों में आंसू थे   वह सोचने लगा ये  15 दिन कैसे कटेगे और एक्जाम के बाद क्या होगा तभी  दोस्त  आया और ढांढस बन्धाने लगा । फिर रोहन  ये सोचकर खुश हो गया की एग्जाम खत्म होने के  बाद सबको एक दिन कॉलेज  आना है   उस दिन बच्चों को  अच्छे रिजल्ट की शुभकामना और भविष्य के लिए हिदायत देने को बुलाया जायेगा  आखिर वो दिन आ ही गया रात को जैसे तैसे आधी रात सोया था रोहन और सुबह जल्दी  भी  उठ गया ।   जल्दी से नहा धो के  Deo लगा के अपनी बाइक उठाई और  घर से निकल गया । रोहन  आज सारे दोस्तों से विदा होने वाला था तो वैसे भी मन भावुक था ।रोहन कॉलेज पहुचता है बहुत दोस्तों से मुलाकात होती है  । बस के आने का टाइम हो रहा था  दिल की धड़कने बढ़ रही । कभी कभी ये सोचके घबरा जाता की “वो आयेगी भी या नहीं”  । रोहन  गार्डन  में चला गया  उसे उसी पुराने अंदाज में देखने के लिए जैसा उसे पहली बार देखा था  बिलकुल उसी जगह खड़ा था । कुछ दूर बस दिखी रोहन की  ख़ुशी का ठिकाना न रहा । बस रुकी स्टूडेंट उतरते गये रोहन  लगातार देखे जा रहा था की कब वो निकलती है  वो निकली वही पुराने पिंक शूट  पहने हुए  आँखों में वही चमक वही दमकता चेहरा वही शालीनता भला उसे और किस साज सज्जा की जरुरत थी । ऐसा लग रहा था मानों 3 साल  पहले की घटना दुबारा  हो रही हो । रैना की  नज़रे ऊपर उठीं रैना ने रोहन को  देखा रोहन ने उसे ।  रैना ने  कहा पहले नीचे तो आओ रोहन  वो बहुत खुश दिख रही थी । रोहन  दौड़ा नीचे गया रैना ने  पूछा एग्जाम कैसा बीता रोहन बोला “एकदम खराब”रैना ने रोहन के  कंधे पर ठोंकते हुए कहा  तुम्हारा और ख़राब  । रैना  ने कहा – बड़े स्मार्ट लग रहे हो आज तो  रोहन ने  भी कह दिया – “तुम भी बहुत खूबसूरत लग रही हो  हमेशा की तरह

कॉलेज का  आखिरी दिन था  फिर पता नहीं कब मुलाकात होगी यही सोचते हुए वो  दोनों आमने सामने बैठे थे  आज  रोहन निश्चय कर के आया था की रैना से  अपनी दिल की बात बोल दूंगा लेकिन समय बीत रहा था और वह  बोल नहीं पा रहा था । पर रैना भी  रोहन से  कुछ कहना ही चाहती थी  । उन दोनों को  एक दूसरे की दिल की बातें पता थीं बस  कहना बाकि  था जो अब बहुत कठिन  हो रहा था ।तभी अनाउंस हुआ कॉलेज में की जिसे बस से जाना है बस में जल्दी से बैठ जाये । ये सुनते ही  रोहन ने कहा जाने दो ना बस को मैं तुम्हे बाइक से घर तक छोड़ दूंगा । रैना कहने लगी  मुझे कोई दिक्कत नहीं कोई और देखेगा तो क्या सोचेगा । पता नहीं क्यों रोहन उसकी बात नहीं काट पाया । बस में बैठने के लिए एक बार फिर अनाउंस किया गया । अब मुझे चलना होगा ये कहते हुए रैना  उठ गई रैना  जाने लगी  वो कॉलेज  के गेट पर पहुँच चुकी थी रोहन से  अब रहा नहीं जा रहा था रोहन ने एक दम  आवाज लगाई रैना  रुको थोडा” ।रोहन ने  अब निश्चय कर लिया था  इस बार बोल के रहूँगा । वो गेट के पास खड़ी थी तो रोहन  उसके पास पहुंचा उसने  एक बार  में बोल दिया  मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूँ  तुम्हारे साथ अपनी पूरी जिंदगी बिताना चाहता हूँ  । यह कहकर रोहन ने  नज़रे झुका ली और  उसके जवाब का इंतजार करने लगा  । रैना ने हल्की मुस्कान के साथ  जवाब दिया   “मैं भी ” रोहन ने उसे देखा और बोला  पूरा बोलो ना  रैना बोली  मैं भी तुमसे बहुत प्यार करती हूँ” । ये सुनते ही रोहन हवा में उड़ने लगा मानो  बहुत बड़ा बोझ हट गया हो दिल से।  रोहन का जी कर रहा था कस के गले लगा लूँ  रैना को पर बहुत से लड़के आ जा रहे थे इसिलिये ऐसा ना कर सका वो  दोनों बहुत  खुश थे । रैना बस में बैठने के लिए जाने लगी आँख के आंसू पोछते पोछते

क्या ये मिलन था दो दिलों का

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रैना  बस में बैठी खिड़की में से देख  रही थी । रोहन  चुपचाप खड़ा उसे देख रहा था बस के स्टार्ट होते ही आँखों में आंसू आ गए रोहन के  । बस चल पड़ी।रोहन  कुछ देर यूँ ही बाइक पे बैठा रहा । उसका  दोस्त कहने लगा  फ़ोन नंबर लिया या एड्रेस ये सुनते ही  रोहन  बोला अब्ब्बे यार ये तो भूल ही गया  । उसके जाते वक़्त तो उसे ही निहारता रह गया इन सब चीज़ का तो ध्यान ही नहीं रहा और रैना के  साथ भी यही हुआ था । इसी बीच फिर एक उम्मीद की किरण जगी रिजल्ट  हाँ वो अपना रिजल्ट लेने जरूर आएगी । दोस्त  ने कहा बेवकूफ मजनू उस दिन पक्का मांग लेना ।रिजल्ट मिलने के एक दिन पहले  रोहन  फिर सोचने लगा  की क्या वो रिजल्ट लेने आएगी ? अगले दिन रोहन घर के कामो में फस गया और रिजल्ट लेने देर से पहुंचा । दोस्त  से मुलाकात हुई  उससे पूछा तू कब आया था वो बोला मैं भी अभी आ रहा हूँ । रैना  कहीं भी नहीं दिख रही थी फिर रोहन के  रिजल्ट देते वक़्त सर ने शाबाशी देते हुए कहा बहुत अच्छे नंबर हैं तुम्हारे अच्छे से पढ़ना आगे ।90  % मार्क्स थे । लेने के बाद sign करने लगा रजिस्टर में तो देखा की रैना  के कालम के आगे ट्रिक लगा है और किसी का सिग्नेचर पड़ा है । एक समय के लिये लगा रोहन को  जैसे दिल धड़कना बंद हो गया है ।रोहन ने सर से पूछा रैना  आई थी रिजल्ट लेने ? उन्होंने कहा नहीं  उसके नाना जी आये थे । रोहन ने पूछा  नाना जी ? सर ने कहा – हाँ वो अपने नाना जी के यहाँ रहती थी उसका घर मुंबई  में है । अभी वो घर चली गई है । मैं रिजल्ट लेके बाहर आ गया । उसकी एक सहेली से पूछा उसने कहा उसके पास फ़ोन नहीं था इसलिए किसी के पास उसका नंबर या एड्रेस नहीं है  अब सब सामान्य था या असामान्य  कुछ समझ नहीं आ रहा था । उसे दुबारा मिलने की सारी संभावनाये खत्म हो रही थीं ।

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अब रोहन के दिमाग में तरह तरह के सवाल उठ रहे थे ।कही रैना  के प्यार का इकरार झूठा तो नहीं था या फिर वो महज मजाक तो नहीं था वो ख़ुशी झुठी नहीं थी , हंसी झुठी नहीं थी , आंसू झूठे नहीं थे फिर वो प्यार का इकरार कैसे झूठा हो सकता है ।
आज इस घटना को चार साल हो चुके थे बड़ी शिद्दत से मुहब्बत की थी  रोहन ने जिससे,उसका
दिल अभी भी दिल से कहता है आयेगी वो इक दिन ,उसका इंतजार रोहन को आज भी है वह रोज कॉलेज के गेट में खड़ा होके बस को देखता है की कभी आये रैना उसकी इस बस में

रोहन के पास रैना की वही एक कविता थी जिसे वो रोज रोज पड़ता और उसे याद करके रोता

कहानी की सिख –

कभी कभी अनजान से इतनी मोहब्बत हो जाती है की उसके बिना जीना मुस्किल हो जाता है |

और जिसके न पाने पर इंसान अकेला तन्हा रह जाता है |इसलिए जिससे भी आपको मोहब्बत हो जाये तुरंत इजहार करे बिना मतलब की आशा लेकर न बैठे जीवन भर के तनाव को पालने के लिए

Title: rohan ka pyar

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Shanu Shetri
Shanu Shetri - Editor at hindirasayan.com.

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