Sunday, 20 August, 2017
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मम्मी मैं देख रहा हूँ

मम्मी  मैं देख रहा हूँ ( mummy mai dekh raha hu )

 

एक बूढी थी जिसका पति मर चूका था वह अपने बेटा बहु और एक छोटा सा पोता था, जिनके साथ वह बूढी रहती थी ।परिवार में सुख समृधि बहुत थी किसी भी प्रकार की कोई परेशानी नहीं थी, लेकिन अब बूढी माँ के  हाथ-पैर  बहुत  कांपने लगे थे और कोई भी काम ठीक ढ़ंग से नहीं कर पाती थी ।उनके घर में शामको खाना सब मिलकर खाते थे  बूढी का बेटा शाम को ऑफिस से घर आया तो उसे भूख बहुत तेज लगी थी तो वो जल्दी – जल्दी हाथ मुंह धो  कर  भोजन करने के लिए बैठ गया, साथ में माँ  भी बैठ गइ   ।

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माँ  ने जैसे ही प्लेट  उठाने की कोशिश की, तो प्लेट हाथ से गिर  गई और थोड़ी सी दाल   गिर गई तो बहु-बेटे ने  घूरते हुए माँ  की ओर देखा और फिर से अपना खाना खाने लगे।माँ   ने जैसे-तैसे  ही अपने हिलते हाथो से भोजन करना शुरू किया तो कभी खाना कपड़ों पर गिर जाता, कभी टेबल पर, तो कभी जमीन पर। बहु ने घुस्से में  कहा माँ तो कितनी गन्दी तरह से खाना खाती  हैं इनको अब अलग बिठाके के खाना देना होगा ऐसे तो मुझसे खाया नहीं खाया जाएगा मुझे घींन्न आती है तो उसके पति ने भी सर हिला कर हा कहा

छोटा बच्चा सब देख रहा था की मम्मी पापा दादी के बारे में क्या –क्या बोलते है बहु ने अब माँ का खाना एक कोने में लगवाना शुरू कर दिया यह सब देख कर माँ को बहुत दुःख होता वह रोते रोते कापते हुए हाथो से भोजन करती थी

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एक दिन भोजन करते-करते उन्‍हे वह समय याद आ रहा था जब वे अपने इसी बेटे को गोद में बिठा कर बड़े ही प्‍यार से भोजन कराया करती थी  और वह भी अपना खाना मेरे कपड़ो पर गिराया करता था मेरे कपड़ो को गंदा करता था पेशाब करता था सब करता था  ले‍किन मैंने कभी भी उसे खाना खिलाना बन्‍द नहीं किया। ना ही मुझे कभी घीन्न आई अब मुझसे उन्हें घिन्न आती है यह सोचती और अपने आशुओ को पोछती कापते हाथो से उनका पोता यह सब रोज देखता

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एक दिन वह पोता अपनी दादी को देखे जा रहा था तो  उसकी  माँ ने पूछा क्या हुआ बेटे, तुम दादी जी की तरफ क्या देख रहे हो? तुम अपना खाना खाओ बच्चा बोला  मम्मी  मैं देख रहा हूँ कि बड़े होने के बाद मम्मी पापा बूढ़े होते है तो क्या करना चाहिए ताकि वो गंदगी न करे  जब मैं बड़ा होजाऊंगा और मेरी वाइफ आएगी तो हम दोनों मिलकर  आप  दोनों को भी कोने में बिठा कर खाना देगे  जब आप दोनों बूढ़े होगे और आपके भी हाथ पैर कापेंगे

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बच्चे के मुँह से ऐसा सुनते ही दोनों धक्क से रह गये उस  बच्चे की बात  उनके मन में बैठ गई थी क्‍योंकि बच्चे ने नादानी में ही सही अपने माँ बाप को एक बड़ी सिख दे दी थी

कहानी की सिख – अपने बूढ़े माँ बाप  या अन्य किसी बूढ़े व्यक्ति के साथ अच्छा व्यव्हार करे क्योकि एक दिन हम सबको बुढा होना है

Title: mummy mai dekh raha hu

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Shanu Shetri
Shanu Shetri - Editor at hindirasayan.com.

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