Tuesday, 21 November, 2017
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मेहनत

मेहनत ( hard work )

मेहनत से मीकु ने बनाया जाड़े का घर –
मीकु खरगोश को जाड़े के आगमन का अहसास हो रहा था|उसने सोचा ,हर साल उसे सर्दी में ठिठुरना पड़ता है|क्यों न इस बार दोस्तों के साथ मिलकर अपने लिए एक घर बना ले|
इस प्रस्ताव को लेकर वह अपने दोस्तों कालूभालू, के पास पंहुचा|कालू ने कहा देखो भाई,मेरे पास भगवान का दिया फर का कम्बल है|मुझे किसी घर की जरूरत नही|फिर में बेकार में क्यों मेहनत करू ,तुम्हे घर बनाना है तो खुद बनाओ|
मीकु निराश नही हुआ,इसके बाद वह मोटू हाथी के पास गया तो मोटू ने भी निराशा भरा जबाब दिया|वह बोला की क्या तुमने सुना है कभी हाथी ने घर बनाया ?लोग हँसेगे हम परहमारी खाल एसी है की हमे सर्दी नही लगती|तुम खुद बनाओ अपना घर,
फिर मीकु नन्ही गिलहरी के पास गया|वह बोली मीकु भैया वैसे तो हम जाड़े में पेड़ो पर आराम से रहते है पर फिर भी में तुम्हारी मदद जरुर करुगी घर बनाने में|
मीकु ने घर बनाना सुरु किया कही से वो लकड़ी लाया कही से औजार दस दिन तक कड़ी मेहनत करने के बाद उसका घर तैयार हो गया|इस बिच नन्ही गिलहरी ने भी खूब साथ दिया उसके लिए खाना लाती कभी कुछ टहनिय जब घर तैयार हुआ तो उसमें एक कमरा नन्ही के लिए था तथा दूसरा मीकु के लिए|
और जब ठण्ड बदने लगी तो वो दोनों अपने घर आराम से रहने लगे|एक बार बहुत तेज बारिश शुरू हुई जो तीन चार दिन दिनों तक नही रुकी सभी जानवर इधर –उधर भागने लगे न तो उन्हें खाने के लिए भोजन मिल रहा था और न ही सिर छिपाने की कोई जगह|

अब कालू भालू और मोटू हाथी को मीकु का घर याद आया |वह दोनों दौड़ कर मीकु के घर के बाहर पहुचे
नन्ही ने उन्हें बाहर देख मीकु से कहा भैया जब तुम्हे इनकी मदद की जरूरत थी तो उन्होंने मना कर दिया था अब तुम इनकी मदद नही करना|
मीकु बोला नही नन्ही ये दोस्त है|ये अपना फर्ज भूल सकते है,लेकिन में नहीं|
यह कहकर उसने घर का दरवाजा खोला |कालू और मोटू सिर झुकाए अंदर आए और मीकु के गले लग गए|

Title: hard work

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Shanu Shetri
Shanu Shetri - Editor at hindirasayan.com.

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