Sunday, 22 October, 2017
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लालच का फल बुरा ही होता है

लालच का फल बुरा ही होता है ( greed bad in hindistory )

एक उद्यपुर नाम का गांव था। वहाँ सभी लोग अच्छे से रहते थे एक दुसरे के साथी बनके उसी गांव  के  पास ही रतनपुर नाम का गांव था वहा दो मित्र रहते थे राजू और अर्जुन ,राजू लालची ठगी था और अर्जुन बहुत ही ईमानदार था वह जानता था कि उसका मित्र राजू लालची और ठग है पर दोस्त था उपर से अर्जुन गरीब था उसके पास काम भी नही था वह खुद राजू पर निर्भर था। इसी वजह से वह किसी के सामने यह राज नहीं कहता था।राजू ने भी उसे कभी खुदपर बोझ नही समझा और अर्जुन की सारी जरुरतो को पूरा करता था

एक दिन राजू ने उदयपुर में ठगी करने जाने की योजना बनाई। वह उस गांव में गया और जब लोगो को ठग कर वापस आया  तो उसे इतना सामान मिला जितना उसने आज तक देखा भी नहीं था। पर अभी भी उसे लग रहा था कि वह और सामान ला सकता था वहा के लोग थे ही बहुत सीधे ।

राजू ने अर्जुन से कहा हम  और भी कमा सकते है अगर तुम मेरी सहायता करो तो पर अर्जुन ने किसी भी प्रकार की सहायता करने से साफ़ मना कर दिया।

फिर राजू अकेले ही योजना बना कर उस गांव में दोबारा गया और खूब सामान ठग लाया लेकिन पिछली बार  की तरह अब भी उसके मन में यही कसर थी की वह और सामान ला सकता था पर  वह  अकेले कैसे ला सकता था  राजू घर पहुँचा तो अर्जुन देख के हैरान था कि दो दिन से ये कैसे भर भर कर सामान ला रहा है वो भी इतने कीमती कीमती यह देखकर अब अर्जुन का भी मन बेईमान होने लगा

उधर उद्य पुर में बहुत हल्ला मचा हुआ था की दो दिन से उनका सामान गायब हो रहा है तभी गांव के कुछ लोगो ने मिलके योजना बनाई की अब जब भी वो ठग आएगा  हम सब मिलके उसे पकड लेंगे

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फिर तीसरे दिन राजू ने अर्जुन को उसके साथ चलने का दबाव डाला और जो भी सामान हाथ लगेगा उसे आपस में बाटने की बात की तो अर्जुन का मन भी डोल गया और मुस्कुराते हुए उसने हां करदी ।

रात हुई दोनों दोस्त चल दिए ठगी के लिए राजू ने उसे सब समझाया ताकि वह कोई गलती ना करे जब दोनो उदयपुर पहुँचे तो गांव के लोग छुप कर नज़र रख रहे थे।

राजू को  कुछ दूर जा कर पता चल गया की कोई उनपर नज़र रखे है तो उसने चालाकी दिखाई थोड़ी दूर जाते ही राजू  को इस बात का आभास हो गया की उनका पीछा किया जा रहा है। पर अर्जुन बिचारे को  इस बारे में नहीं पता था वह तो पहले से ही डरा और घबराया हुआ था।

राजू ने अर्जुन से कहा की तू दीवार कूदकर घरके अंदर घुस जा मै पीछे आता हु बिचारा अर्जुन जैसे ही दीवार कूदकर घर में घुसा राजू  चालाकी दिखाते हुए वहा से भाग गया और जल्दी से अपने घर का सारा सामान सब लेके गांव छोड़ कर फुर्र हो गया

वहां उदय पुर में बिचारा अर्जुन अंदर घुस तो गया पर जब उसने देखा की बहुत देर हो गई पर राजू अंदर नही आया बहुत  देर तक तो उसे समझ नही आया की क्या करू वह बहुत डरा हुआ था

उस घर में अधेरा भी था समझ नही आ रहा था उसे की वो कहा जाये जब उसने आगे बढने को कदम बढ़ाया उसके पैर में बर्तन टकरा गए और भर भर करके शोर मच गया बर्तनों के गिरने का  आवाज सुनते ही सारे गांव वाले उस घर के बाहर आ गए और उसे पकड़ लिया।

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अर्जुन बहुत घबराया हुआ था वह बोल रहा था कि उसने कुछ नहीं किया और माफ़ी मांगने लगा। पर गांव वालों ने उसे माफ़ नहीं किया जो जुर्म उसने किया ही नहीं था उसका इल्जाम भी उसे ही लग गया । वह बार बार कह रहा था की आज पहली बार मैंने ऐसा करने की कोशिश की थी मुझे माफ़ कर दो आजके बाद मै कभी नही आऊंगा इस गांव में । पर किसी ने उसकी बात नहीं सुनी और उसे दंड दिया गया ।

कहानी की सिख- कभी कभी हमारा मन भी ऐसे गलत कार्यों की तरफ आकर्षित होने लगता है, और हम लालच में आकर ऐसे काम करने लगते है जो हमे नही करना चाहिए गलत काम  हमेशा गलत ही होता है इसलिए हमें दूसरों की गलतियों से सीख लेनी चाहिए और हमेशा खुद को ईमानदारी की ओर प्रेरित करना चाहिए और प्रयास करना चाहिए की हम अपने जीवन में ऐसी कोई गलती ना करें जिससे भविष्य में हमें उसका खामियाजा भरना पड़े

Title: greed bad in hindistory
Shanu Shetri
Shanu Shetri - Editor at hindirasayan.com.

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