Friday, 18 August, 2017
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हीरे की अंगूठी

हीरे की अंगूठी ( diamond ring )

DIAMOND RING (की कहानी)-
एक बार की बात है की एक शहर में बहुत अमिर सेठ रहता था|अत्यधिक धनि होने पर भी वह हमेशा दुखी ही रहता था|एक दिन ज्यादा परेशान होकर वह एक ऋषि के पास गया और अपनी सारी समस्या ऋषि को बताई|
उन्होंने सेठ की बात ध्यान से सुनी |और सेठ से कहा की कल तुम इसी वक्त फिर से मेरे पास आना मै कल ही तुम्हे तुम्हारी सारी समस्याओं का हल बता दूंगा |सेठ खुसी खुसी घर गया और अगले दिन जब फिर से ऋषि के पास आया तो उसने देखा की ऋषि सडक पर कुछ ढूंढने में वयस्थ है|सेठ ने तब उनसे पूछा की ,आप क्या ढूढ रहे हो गुरु जी बोले मेरी एक हीरे की अंगूठी गिर गई है में वही ढूढ रहा हु|यह सुनकर सेठ भी ढूढ ने में लग गया|जब काफी देर तक ढूढ ने पर भी नही मिली तो सेठ ने फिर पूछा की आपकी अंगूठी कहा पर गिरी थी|उन्होंने जबाब दीया की अंगूठी मेरे आश्रम में गिरी थी पर वहां काफी अधेरा है इसलिए यहा ढूढ रहा हु|सेठ ने चोकते हुए कहा की जब अंगूठी वहा गिरी है तो आप यहा क्यों ढूढ रहे हो?गुरु जी ने मुश्कुराते हुए कहा की यही तुम्हारे कल के प्रश्न का उत्तर है|खुसी तो मन में छुपी है लेकिन तुम उसे धन में खोजने की कोशिश कर रहे हो|इसलिए तुम दुखी हो,यह सुनकर सेठ गुरु जी के पेरो पर गिर गया|
इस कहानी से यही सिख मिलती है की जीवन भर हम पैसा जमा करने में लग जाते है|तो भी हम खुस नही रहते क्योकि हम पैसा कमाने में इतने मग्न हो जाते है की अपनी खुसी आदि को भूल जाते है|

Title: diamond ring

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Shanu Shetri
Shanu Shetri - Editor at hindirasayan.com.

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