Home > सोशल मीडिया > 21वीं सदी में मुस्लिम परिवार को मिला रामायण काल का ‘जटायु’ पक्षी, देखने वालो का लगा तांता

21वीं सदी में मुस्लिम परिवार को मिला रामायण काल का ‘जटायु’ पक्षी, देखने वालो का लगा तांता

ramayana jatayu bird found in 21 century at moradabad up
ramayana jatayu bird found in 21 century at moradabad up

हमने अब तक जटायु नाम के पक्षी का जिक्र केवल रामायण में सुना है जब लंका पति रावण छल से सीता माता का हरण करके अपने पुष्पक विमान से लंका की ओर ले जा रहा था। तब सीताजी चिल्ला रही थीं और खुद को रावण के चुंगुल से छुड़ाने का प्रयतन भी कर रही थी तब अचानक आकाश में उड़ता एक विशाल पंखो वाला पक्षी आकर रावण पर हमला करता हैं और सीताजी को बचाने के लिए रावण से लड़ते-लड़ते घायल होकर मरणासन्न स्थिति में जमीन पर गिर जाता हैं। रामायण में कथित कहानी के अलावा आज तक इस पक्षी को किसी ने नहीं देखा हैं। लेकिन इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो का ये दावा है की जटायु पक्षी को एक मुस्लिम परिवार ने बंधक बना कर रखा हैं ।

क्या हैं पूरी घटना

दरअसल मुरादाबाद के एक मुस्लिम परिवार को रेलवे लाइन के किनारे बड़े-बड़े पंखो वाला एक पक्षी मिला। इस परिवार का कहना हैं, कि यह पक्षी हमे रेलवे लाइन के पास पानी से भीगा हुआ मिला जहाँ कुत्ते इस पर हमला कर रहे थे।

वीडियो: ऑस्ट्रेलिया में मिला दुर्लभ प्रजाति वाला “सफेद साँप”

तब हम इसको बचाकर घर ले आए और कपडे से साफ़ करके एक रस्सी से बांध दिया। लेकिन इसने रस्सी को काट डाला जिसके बाद हमने इसको एक जंजीर से बांध दिया। उन्होंने बताया की इस पक्षी को संभालने में परिवार वालों के पसीने छूट गए। घर के अन्दर देखने वालो का हुजूम लगने लग गया था। उसके बाद इस पक्षी को मुस्लिम परिवार ने वन विभाग के हवाले कर दिया। जहाँ उसका इलाज चल रहा हैं।

यहाँ वीडियो में देंखे इस पक्षी को

 

और पढ़े

वीडियो में जिस पक्षी को जटायु बताया जा रहा हैं। असल में वह गिद्ध हैं। गिद्ध के पंखो की चौड़ाई लगभग 1.96 से 2.38 मी. की होती है। 1990 के दशक में, गिद्ध जाति का 97% से 99% तक पतन हो चुका हैं। अब यह दुर्लभ एवं विलुप्त होती प्रजाति है।

vulture

Title: ramayana jatayu bird found in 21 century at moradabad up social media in Hindi | In Category: सोशल मीडिया  ( social media )

मिली-जुली खबरें

Shanu Shetri
Shanu Shetri - Author at hindirasayan.com.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *