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2018 में पड़ने वाले सूर्य ग्रहण और चन्द्र ग्रहण के बारे में जानिए क्या है खास

2018 में पड़ने वाले सूर्य ग्रहण और चन्द्र ग्रहण के बारे में जानिए क्या है खास ( surya and chandra grahan 2018 dates with time in india eclipse 2018 )

जब भी सूर्य या चंद्र ग्रहण की बात होती हैं तो सबसे पहले लोगो के बीच ग्रहण के समय मे किये जाने वाले नियमों की चर्चा शुरू हो जाती हैं। लेकिन आपको बता दें, हर साल पड़ने वाले ग्रहणों में कुछ ग्रहण ऐसे भी होते हैं जो भारत मे नही दिखाई पड़ते। आज हम साल 2018 में पड़ने वाले ग्रहण के बारें में बताते हैं। लेकिन उससे पहले जानते हैं कि सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रह होता कैसे हैं।

खगोल शास्त्र की माने तो..

जब एक खगोलीय पिंड पर दूसरे खगोलीय पिंड की छाया पड़ती है, तब ग्रहण होता है। हर साल हमें सूर्य व चंद्र ग्रहण दिखाई देते हैं, जो पूर्ण व आंशिक समेत कुछ प्रकार के होते हैं।

सूर्य ग्रहण

जब चंद्रमा सूर्य एवं पृथ्वी के बीच में आता है, तब यह पृथ्वी पर आने वाले सूर्य के प्रकाश को रोकता है और सूर्य में अपनी छाया बनाता है। इस खगोलीय घटना को सूर्य ग्रहण कहा जाता है।

चंद्र ग्रहण

जब पृथ्वी सूर्य एवं चंद्रमा के बीच आ जाती है तब यह चंद्रमा पर पड़ने वाली सूर्य की किरणों को रोकती है और उसमें अपनी छाया बनाती है। इस घटना को चंद्र ग्रहण कहा जाता है।

साल 2018 में पड़ने वाले ग्रहण..

  • 2018 में कुल 5 ग्रहण पड़ रहे हैं।जिनमे 3 सूर्य ग्रहण हैं और 2 चंद्र ग्रहण। पहला ग्रहण 31 जनवरी को पड़ेगा, जो की चंद्र ग्रहण होगा। यह न केवल भारत में दिखेगा, बल्कि यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, साउथ अफ्रीका और नोर्थ अमेरिका में भी दिखाई देगा।
  • दूसरा ग्रहण 15 फरवरी को पड़ेगा जो सूर्य ग्रहण होगा। लेकिन आपको बता दे की यह भारत में नहीं दिखेगा। सूर्य ग्रहण सिर्फ साउथ अमेरिका, अटलांटिक में ही दिखाई देगा।
  • अगला ग्रहण होगा 13 जुलाई को सूर्यग्रहण पड़ेगा यह भी भारत में नही दिखेगा ऑस्ट्रेलिया में देखा जायेगा।
  • इसके बाद 11 अगस्त को भी सूर्य ग्रहण लगेगा जो पूर्वी यूरोप, एशिया, नोर्थ अमेरिका और आर्कटिक में दिखाई देगा।
  • इसके बाद चंद्र ग्रहण 27और 28 जुलाई को पड़ेगा। जो यूरोप, एशिया, ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका, नोर्थ अमेरिका और अटलांटिक में दिखाई देगा।

ज्योतिषियों के अनुसार..

हिंदू धर्म में ग्रहण को मानव समुदाय के लिए हानिकारक माना गया है। जिस नक्षत्र और राशि में ग्रहण लगता है उससे जुड़े लोगों पर ग्रहण के नकारात्मक प्रभाव पड़ते हैं। इन ग्रहणों का असर अलग-अलग राशियों पर अलग-अलग पड़ेगा। कुछ राशियों के लिए ये ग्रहण अच्छा समाचार ला रहे हैं तो कुछ राशि के लिए कुछ समस्याएं भी।

ग्रहण के पीछे है एक कथा भी..

पौराणिक कथा के अनुसार ऐसा कहा जाता है कि समुद्र मंथन से उत्पन्न अमृत को दानवों ने देवताओं से छीन लिया। इस दौरान भगवान विष्णु ने मोहिनी नाम की  सुंदर कन्या का रूप धारण करके दानवों से अमृत ले लिया और उसे देवताओं में बांटने लगे।

लेकिन भगवान विष्णु की इस चतुराई को राहु नाम के असुर ने भाप लिया  वह देव रूप धारण कर देवताओं के बीच बैठ गया। जैसे ही राहु ने अमृतपान किया, उसी समय सूर्य और चंद्रमा ने उसका यह छल पकड लिया। उसके बाद भगवान विष्णु ने सुदर्शन च्रक से राहु की गर्दन को उसके धड़ से अलग कर दिया।

अमृत के प्रभाव से उसकी मृत्यु नहीं हुई इसलिए उसका सिर व धड़ राहु और केतु छायाग्रह के नाम से सौर मंडल में स्थापित हो गए। माना जाता है कि राहु और केतु इसी कारण सूर्य और चंद्रमा को ग्रहण के रूप में शापित करते हैं।

 

Title: surya and chandra grahan 2018 dates with time in india eclipse 2018

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Shanu Shetri
Shanu Shetri - Author at hindirasayan.com.

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