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बॉलीवुड स्टार राजकुमार के 15+ सुपरहिट डायलॉग्स

RajKumar superhit dialogues in hindi
RajKumar superhit dialogues in hindi

बॉलीवुड में युं तो बहुत से कलाकार आते हैं, मगर कुछ ऐसे होते हैं जो अपनी अदाकारी से दर्शकों के दिलोदिमाग पर छा जाते हैं। ऐसे ही एक अभूतपूर्व कलाकार थे राजकुमार। जी हां जॉनी हम उन्हीं राजकुमार की बात कर रहे हैं जिनकी डॉयलॉग डिलीवरी की दुनिया आज तक कायल है। फिल्म अभिनेता राजकुमार का स्टाइल असल में ही राजकुमार जैसा था, उनके बोलने, चलने और कपड़े पहनने के ढंग से आज तक दुनिया उन पर रस्क करती है। जिसने भी एक बार राजकुमार को देखा वो उनका कायल हो गया।

बॉलीवुड में राजकुमार के बहुत से किस्से मशहूर थे, बताया जाता था कि अगर किसी फिल्म के डॉयलॉग राजकुमार को पंसद नहीं आते थे तो वे कैमरे के सामने ही डॉयलाग अपने मनमाकिफ बदल लेते थे, और क्या मजाल की निर्देशक उनसे कुछ बोल पाए।

बहरहाल हिंदी रसायन में हम अभिनेता राजकुमार के ऐसे ही कुछ सदाबहार डॉयलॉग आप के लिए लाएं हैं।

Top 17 Dialogues of Rajkumar

RaajKumar Dialogues_14 ye bacchon ke khelne ki cheez nahi hath cut jaye to khoon nikal jaata hain film Waqt 1965 ये बच्चों के खेलने की चीज नहीं हाथ कट जाए तो खून निकाल आता है
ये बच्चों के खेलने की चीज नहीं हाथ कट जाए तो खून निकाल आता है
RaajKumar Dialogues_13 taqat par tameez ki lagaam jaruri hai lekin itni nhi ki bujdili ban jaye film saudagar 1991 ताकत पर तमीज़ की लगाम जरुरी है लेकिन इतनी नहीं कि बुजदिली बन जाए
ताकत पर तमीज़ की लगाम जरुरी है लेकिन इतनी नहीं कि बुजदिली बन जाए
RaajKumar Dialogues_08 jab rajeshwar dosti nibhata hai to afsane likhe jaate hain jab dushmani nibhata hain to tarikh ban jaati hain film saudagar 1991 | जब राजेश्वर दोस्ती निभाता है तो अफसाने लिक्खे जाते हैं.. और जब दुश्मनी करता है तो तारीख़ बन जाती है – राजेश्वर सिंह, सौदागर (1991)
जब राजेश्वर दोस्ती निभाता है तो अफसाने लिक्खे जाते हैं.. और जब दुश्मनी करता है तो तारीख़ बन जाती है – राजेश्वर सिंह, सौदागर (1991)
RaajKumar Dialogues_09 jb khoon tapkta hain to jam jaata hain apna nishaan chhod jaata hain aur chikh-chikhkar pukarta hain mera inteqam lo mera inteqam lo film Insaniyat Ke Devta 1993 | जब ख़ून टपकता है तो जम जाता है, अपना निशान छोड़ जाता है, और चीख़-चीख़कर पुकारता है कि मेरा इंतक़ाम लो, मेरा इंतक़ाम लो – जेलर राणा प्रताप सिंह, इंसानियत का देवता (1993)
जब ख़ून टपकता है तो जम जाता है, अपना निशान छोड़ जाता है, और चीख़-चीख़कर पुकारता है कि मेरा इंतक़ाम लो, मेरा इंतक़ाम लो – जेलर राणा प्रताप सिंह, इंसानियत का देवता (1993)
RaajKumar Dialogues_10 kaash ki tumne hume aawaz di hoti to hum maut ki neend se uthkar chale aate film saudagar 1991 | काश तुमने हमें आवाज़ दी होती.. तो हम मौत की नींद से उठकर चले आते. – राजेश्वर सिंह, सौदागर (1991)
काश तुमने हमें आवाज़ दी होती.. तो हम मौत की नींद से उठकर चले आते – राजेश्वर सिंह, सौदागर (1991)
RaajKumar Dialogues_12 sher ko saanp aur bichoo kaata nahi karte dur hi dur se rengtey hue nikal jaate hain film saudagar 1991 | शेर को सांप और बिच्छू काटा नहीं करते.. दूर ही दूर से रेंगते हुए निकल जाते हैं. – राजेश्वर सिंह, सौदागर (1991)
शेर को सांप और बिच्छू काटा नहीं करते.. दूर ही दूर से रेंगते हुए निकल जाते हैं. – राजेश्वर सिंह, सौदागर (1991)
RaajKumar Dialogues_11 naa talwar ki dhar se naa goliyon ki bochhar se banda darta hain to sirf parwardigaar se Tirangaa 1992 | The Lallantop August 9, 2017 · ना तलवार की धार से, ना गोलियों की बौछार से.. बंदा डरता है तो सिर्फ परवर दिगार से. – ब्रिगेडियर सूर्यदेव सिंह, तिरंगा
ना तलवार की धार से, ना गोलियों की बौछार से.. बंदा डरता है तो सिर्फ परवर दिगार से. – ब्रिगेडियर सूर्यदेव सिंह, तिरंगा
RaajKumar Dialogues_18 jaani... hum tumhe marenge, aur jarur marenge... lekin woh bandook bhi hamari hogi ,goli bhi hamari hogi aur waqt bhi hamara hoga film saudagar 1991 | जानी.. हम तुम्हे मारेंगे, और ज़रूर मारेंगे.. लेकिन वो बंदूक भी हमारी होगी, गोली भी हमारी होगी और वक़्त भी हमारा होगा. – राजेश्वर सिंह, सौदागर (1991)
जानी.. हम तुम्हे मारेंगे, और ज़रूर मारेंगे.. लेकिन वो बंदूक भी हमारी होगी, गोली भी हमारी होगी और वक़्त भी हमारा होगा. – राजेश्वर सिंह, सौदागर (1991)
RaajKumar Dialogues_07 iss duniya me tum pehle aur aakhri badnaseeb honge jiski na to arthi uthegi na kisi kandhe ka sahara milega sidhe chita jalegi film marte dam tak 1987 इस दुनिया में तुम पहले और आखिरी बदनसीब कमीने होगे, जिसकी न तो अर्थी उठेगी न किसी कंधे का सहारा मिलेगा सीधे चिता जलेगी
इस दुनिया में तुम पहले और आखिरी बदनसीब कमीने होगे, जिसकी न तो अर्थी उठेगी न किसी कंधे का सहारा मिलेगा सीधे चिता जलेगी
RaajKumar Dialogues_06 hum wo collector nhi jinka tabadla foonk maarkar kiya jaa sake,collectri to hum sauk ke liye karte hain , rozi roti ke liye nhi film surya 1989 हम वो कलेक्टर नही जिनका तबादला फूंक मारकर किया जा सके,कलेक्टरी तो हम शौक के लिए करते हैं रोजी रोटी के लिए नहीं
हम वो कलेक्टर नही जिनका तबादला फूंक मारकर किया जा सके,कलेक्टरी तो हम शौक के लिए करते हैं रोजी रोटी के लिए नहीं
RaajKumar Dialogues_16 hum tumhe wo maut denge jo na to kisi kanoon ki kitab me likhi hogi aur naa kisi mujrim ne sochi hogi film Tirangaa 1992 हम तुम्हें वो मौत देंगे जो न तो किसी कानून की किताब में लिखी होगी और न कभी किसी मुजरिम ने सोची होगी
हम तुम्हें वो मौत देंगे जो न तो किसी कानून की किताब में लिखी होगी और न कभी किसी मुजरिम ने सोची होगी
RaajKumar Dialogues_15 hum apne kadmon ki aahat se hawaon ka rukh badal dete hain film betaaj badshah 1994 हम अपने क़दमों की आहट से हवा का रुख बादल देते हैं
हम अपने क़दमों की आहट से हवा का रुख बादल देते हैं
RaajKumar Dialogues_01 botiyan nochne wale gidad gala fadne se sher nhi ban jaate film marte dam tak 1987 | बोटियां नोचने वाला गीदड़, गला फाड़ने से शेर नहीं बन जाता. – राणा, मरते दम तक (1987)
बोटियां नोचने वाला गीदड़, गला फाड़ने से शेर नहीं बन जाता. – राणा, मरते दम तक (1987)
RaajKumar Dialogues_03 dada to duniya me sirf do hain ek upar wala aur dusre hum film marte dam tak 1987 दादा तो दुनिया में सिर्फ दो हैं एक ऊपर वाला दूसरे हम
दादा तो दुनिया में सिर्फ दो हैं एक ऊपर वाला दूसरे हम
RaajKumar Dialogues_04 delhi tak baat mashoor hain, rajpal chauhan ke haath me tumbanku ka pipe aur jaib me istifa rehta hain film surya 1989 दिल्ली तक बात मशहूर हैं,राजपाल चौहान के हाथ में तंबाकू का पाइप और जेब में इस्तीफा रहता हैं
दिल्ली तक बात मशहूर हैं,राजपाल चौहान के हाथ में तंबाकू का पाइप और जेब में इस्तीफा रहता हैं
RaajKumar Dialogues_05 RaajKumar Dialogues_04 hum aankhon se surma nahi churate hum aankhen hi chura lete hain film Tirangaa 1992 हम आँखों से सुरमा नही चुराते हम आँख ही चुरा लेते हैं
हम आँखों से सुरमा नही चुराते हम आँख ही चुरा लेते हैं
RaajKumar Dialogues_02 chinoy seth, jinke apne ghar sheeshe ke hote ho wo doosron par patthar nhi phenka karte film Waqt 1965 चिनॉय सेठ, जिनके अपने घर शीशे के होते है वो दूसरों पर पत्थर नहीं फेंका करते। फिल्म वक्त 1965
चिनॉय सेठ, जिनके अपने घर शीशे के होते है वो दूसरों पर पत्थर नहीं फेंका करते। फिल्म वक्त 1965

Title: 17 best superhit raajkumar dialogues entertainment in Hindi | In Category: मनोरंजन  ( entertainment )

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